अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन में महिला ने निभाई थी अग्रणी भूमिका।

शहीदों के आदमकद प्रतिमा स्थल पर राजकीय समारोह का आयोजन कल।
आरा/भोजपुर (सुनील कुमार सिंह)14 सितंबर । 15 सितंबर 1847 अंग्रेजी भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भोजपुर जिले के लासाढ़ी गांव में आजादी के जज्बा लिए कई देशभक्तों ने अपनी शहादत दी थी। ब्रिटिश हुकूमत को उखाड़कर देश की आजादी दिलाने में भोजपुर जिले का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। देशभक्ति का जज्बा लिए अपने प्राणों की जंगे आजादी में अपनी आत्माआहुति दे दी थी। हजारों लोगों ने अंग्रेजो सिपाहियों को लाठी डंडे एवं कोड से मार सही और लोग गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे जेल भी भेजे गए। ऐसे में अंग्रेजों की अत्याचार सहन करते रहे ।लेकिन कभी अंग्रेजों के आगे झुके नहीं। इन्हें तो हर हाल में देश की आजादी चाहिए थी। जंगे आजादी में अपनी शहादत देने वाले में भोजपुर जिले के विभिन्न गांव के लोगों में महिला समेत 12 लोग शहीद हुए थे। शहादत देने वाले क्रांतिकारी में सभापति यादव जगन्नाथ यादव महादेव यादव गिरवर सिंह वासुदेव सिंह अकली देवी सभी लसाढ़ी शीतल सिंह केशव सिंह शीतल लोहार रामदेव यादव केश्वर सिंह रामधारी पांडे ढकनी एवं चासी गांव के लोगों ने अपनी शहादत देकर आजादी दिलाईथी। इसके उपरांत लासाढ़ी गांव में पूर्व विधायक अरुण सिंह यादव द्वारा भूमि दान देकर तथा रामनरेश राम द्वारा राशि का आवंटन कर 12 शहीदों की आदमकद प्रतिमा बनाई गई। आदमपुर प्रतिमा स्थल पर पूर्व से ही भाकपा माले द्वारा 15 सितंबर को शाहिद मेले का आयोजन किया जाता है। पूर्व एमएलसी लाल दास राय के प्रयासों से लसाढ़ी स्थित आदमकद प्रतिमा स्थल पर 15 सितंबर को राजकीय समारोह का भी आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बर्ष मेले वतन पे मरने वालों का बाकी यही निशा होगा।

