
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सितम्ब )12 सितंबर। गुरुवार को बड़हरा के राजद नेता राम बाबू सिंह उर्फ अशोक सिंह ने राजपूत महापंचायत का अपराधियों के खिलाफ आंदोलन का समर्थन करते हुए कहा कि सुमित सिंह के हत्यारों को जबतक सजा नहीं मिलती है तबतक राजपूत महापंचायत का आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि महापंचायत के दबाव का ही परिणाम है कि पुलिस की कार्रवाई तेज हुई और हत्या में शामिल फरार 3 अपराधियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। लेकिन केवल समर्पण से न्याय पूरा नहीं होगा। जब तक सुमित सिंह के परिवार को न्याय और सुरक्षा नहीं मिलती, आंदोलन जारी रहेगा।
पिछले दिनों दवा कारोबारी सुमित सिंह की हत्या से आक्रोशित राजपूत महापंचायत ने मशाल जुलूस निकला कर प्रतिकार जताया और भोजपुर में बढ़ रहे अपराधियों के मनोबल पर चिंता व्यक्त की।राजपूत महापंचायत ने बुधवार को शहर के जेपी स्मारक कलेक्ट्रेट के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान महापंचायत के अध्यक्ष रामकुमार सिंह ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि भोजपुर में राजपूत समाज के लोगों की चुन-चुन कर हत्या की जा रही है और प्रशासन मूक दर्शक बना है। वही रिंकू सिंह मुखिया ने प्रशासन से दोषियों को अविलंब गिरफ्तार करने की मांग की। मनमोहन सिंह ने भी प्रशासन से स्पीडी ट्रायल चला दोषियों को जल्द फांसी दिलाने की मांग की थी।धरना में जिले भर से प्रमुख लोगों की उपस्थिति रही जिसमें डॉ कुमार जितेंद्र, डॉ विकास सिंह, डॉ अनिल सिंह, प्रकाश सिंह, फंटू मुखिया, अंशु सिंह सिकरीवाल, राणा सिंह, संजीव सिंह, भरत सिंह सहयोगी, श्रीकुमार सिंह, मांझिल सिंह, मुन्नू सिंह, विनय सिंह, अजीत सिंह, राजू सिंह, निर्मल सिंह सिकरीवाल, पुतुल सिंह, राकेश सिंह मुखिया, मंटू सिंह मुखिया, अमरेंद्र राजेश, पूजा सिंह, राजद नेता मनोज सिंह, राजीव रंजन सिंह, आस नारायण सिंह, अजीत सिंह, सुरेंद्र सिंह, पुतुल सिंह, जसवंत नारायण सिंह मीडिया प्रभारी प्रकाश सिंह सहित कई लोग शामिल हुए। सभी ने सुमित सिंह के हत्यारों की गिरफ्तारी सहित पीड़ित परिजन को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी सहित परिवार की सुरक्षा की मांग की ।
महापंचायत को कुंवर सेना का समर्थन मिला । कुंवर सेना के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह ने जिला व पुलिस प्रशासन से हत्यारों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग उठाई। यही नहीं महापंचायत ने कहा कि यदि जिला पुलिस ने एक सप्ताह के अन्दर हत्यारों की गिरफ्तारी नहीं की, तो आरा में चक्का जाम किया जाएगा। आंदोलन के धमकी के अगले दिन ही अपराधियों के समर्पण की खबर मिली।
