RKTV NEWS/अनिल सिंह,24 मई। बिना शर्त पुराने नियोजित शिक्षकों को राज्यकर्मी घोषित किए जाने तक शिक्षकों का आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलनरत शिक्षक बिहार सरकार की धमकियों और बंदरघुडकियों से डरनेवाले नहीं हैं। बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ के बैनर तले चल रहे जेपी मूर्ति, रमना मैदान के समीप धरना को संबोधित करते हुए शिक्षक नेताओं ने बुधवार को उक्त बातें कही। शिक्षक नेताओं ने कहा कि बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ एकमात्र ऐसा संगठन है जिसके कार्यकर्ता पठन- पाठन का काम और अपनी ड्यूटी पूरा करते हुए शांतिपूर्वक अपने आंदोलन को गति दिए हुए हैं।
बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ शैक्षिक परिषद के सचिव शशिभूषण दूबे ने कहा कि बिहार अध्यापक नियमावली, 2023 राज्य सरकार का तुगलकी फरमान है और मानसिक दिवालियापन का परिचायक है। उन्होंने कहा कि प्रोन्नति और वरीयता को धत्ता बताते हुए अधिसूचित नियमावली त्रुटिपूर्ण और विसंगतियुक्त है। बुधवार को धरना की अध्यक्षता संघ के जिलाध्यक्ष डॉ अवधेश कुमार ने की और का संचालन आरा अनुमंडल अध्यक्ष रविशंकर सिंह ने की। धरना में शामिल प्रमुख शिक्षक नेताओं में जिला सचिव संतोष कुमार सिंह, राज्य कार्यसमिति सदस्य आनंद पाण्डेय, प्रमंडल उपाध्यक्ष भीम राय, प्रमंडल कोषाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह एवं प्रमंडल कार्यसमिति सदस्य राकेश लाल समेत दर्जनों शिक्षक नेता एवं शिक्षक शमिल थे।

