
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)15 जून।असम के जोरहाट में भारतीय वायुसेना के एएन-32 विमान हादसे में शहीद हुए अग्निवीर वायु सैनिक दानिश आलम को रविवार को पूरे राजकीय सम्मान और गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। अंतिम दर्शन के दौरान परिजनों और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। शहीद की मां बार-बार बेटे को एक नजर देखने की गुहार लगाती रहीं, जिससे माहौल और भी भावुक हो गया।
दानिश आलम भोजपुर जिले के कोईलवर प्रखंड अंतर्गत कायमनगर गांव के निवासी थे। शनिवार को असम के जोरहाट एयरबेस के पास नियमित उड़ान के दौरान भारतीय वायुसेना का एएन-32 परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में पांच वायुसेना कर्मियों की मौत हो गई थी, जिनमें अग्निवीर दानिश आलम भी शामिल थे। शहीद के पार्थिव शरीर के गांव पहुंचते ही हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। पूरे इलाके में शोक का माहौल रहा। लोगों ने दानिश के देशसेवा और बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। हादसे में शहीद हुए फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार के परिजनों ने दुर्घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि यदि विमान में किसी प्रकार की तकनीकी खामी थी तो उसकी समय रहते जांच होनी चाहिए थी। दानिश आलम अपने माता-पिता के इकलौते पुत्र थे और हाल ही में अग्निवीर वायु योजना के तहत सेवा में शामिल हुए थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ पूरे भोजपुर जिले में शोक की लहर है।
