
RKTV NEWS/पटना(बिहार)13 अगस्त। बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित मुख्यमंत्री विद्यालय सुरक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत चल रहे सुरक्षित शनिवार अभियान ने एक बार फिर अपने महत्व और प्रभावशीलता को राज्य स्तर पर सिद्ध किया है। इसी क्रम में आज प्राधिकरण सभागार, पटना में भागलपुर जिले के प्राथमिक विद्यालय, मंडल टोला, तुलसीपुर, खरीक के पाँचवीं कक्षा के छात्र अनीश कुमार को उनके साहसिक कार्य के लिए सम्मानित किया गया।
ज्ञात हो की 2 अगस्त 2025 को, विद्यालय से घर लौटते समय अनीश कुमार ने असाधारण साहस और त्वरित निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए कक्षा प्रथम की दो छात्राओं को गहरे पानी में डूबने से बचाया। तेज वर्षा से विद्यालय के पास भरे गड्ढे में जलकुंभी के बीच दोनों बच्चियों के फंस जाने पर अनीश ने बिना समय गंवाए पानी में उतरकर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला और एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया।
सुखद संयोग है कि घटना वाले दिन ही विद्यालय में ‘सुरक्षित शनिवार’ कार्यक्रम के तहत “बाढ़ से खतरे एवं डूबने से बचाव” विषय पर मॉक ड्रिल आयोजित की गई थी। विद्यालय की प्रधान शिक्षिका एवं आपदा प्रबंधन की मास्टर प्रशिक्षक सुमोना रिंकू घोष द्वारा बचाव तकनीक और आपातकालीन प्रतिक्रिया के व्यावहारिक प्रशिक्षण ने इस बचाव कार्य में निर्णायक भूमिका निभाई।
इस प्रशिक्षण श्रृंखला में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के रूप में डॉ. ममता शर्मा, शिक्षिका, +2 हाई स्कूल, आंती, नवादा ने मास्टर प्रशिक्षक के रूप में उत्कृष्ट कार्य किया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रशिक्षित शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह “सुरक्षित बिहार” के सपने को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
सम्मान समारोह में प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत की गरिमामई उपस्थिति में प्राधिकरण सदस्य पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार द्वारा अनीश कुमार को प्रशस्ति पत्र, 2100 रुपए का चेक, स्कूल बैग एवं स्टेशनरी समाग्री प्रदान कर हौसला अफजाई की गई। राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स प्रशिक्षण के रूप में डॉ. ममता शर्मा एवं मास्टर प्रशिक्षक सुमोना रिंकू घोष को 1100 रुपए का चेक, प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सचिव मो. वारिस खान सहित प्राधिकरण के पदाधिकारीगण उपस्थित थे।
प्राधिकरण ने अनीश कुमार और उनकी प्रशिक्षक के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य भर में सुरक्षा संस्कृति को और सुदृढ़ करेंगे।
