
RKTV NEWS/लखीसराय (बिहार)13 अगस्त।कई महिलाओं ने खुद के बल पर अपनी पहचान बनाई है और गाँव समाज में महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनी हैं l उन्ही महिलाओं में से एक हैं बिंदु देवी l इनके पति स्व. विनय कुमार सिंह की मृत्यु छत से गिरकर 5 वर्ष पूर्व हो गयी थी l पति की मृत्यु के बाद जीवनयापन बड़ी समस्या थी l इन्होने हिम्मत नहीं हारी l जीवनयापन के लिए कौशल जीविका न्महिला स्वयं सहायता समूह से जुडी और अब पर्यावरण संतुलन के क्षेत्र में अहम् योगदान दे रही हैं l पति के असमय मृत्यु के बाद जीविका दीदियों ने गाँव – समाज के विकास के साथ ही पर्यावरण संतुलन में भी अहम् भूमिका निभाई है l
बिंदु देवी लखीसराय जिला अंतर्गत सूर्यगढ़ा प्रखंड के नीरपुर गाँव की रहने वाली हैं l समूह से जुड़ने के बाद इनकी बेबसी को देखते हुए इन्हें इनके रूचि के अनुरूप नर्सरी चलाने हेतु सहयोग एवं मार्गदर्शन जीविका द्वारा दिया गया l जीविका से जुड़ाव के बाद विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के संचालन में अहम् भूमिका के साथ ही पर्यावरण, वन एवं जलवायु विभाग अंतर्गत मुख्यमंत्री निजी पौधशाला (अन्य प्रजाति) योजना को भी धार प्रदान की है l इस योजना अंतर्गत बिंदु देवी जीविका के सहयोग से नर्सरी चला रही हैं l इस नर्सरी को अब दीदी की पौधशाला के नाम से जाना जाता है l अपने नर्सरी में लगभग 15 प्रजाति के फलदार एवं काष्ठीय पौधों का बीजारोपण करती हैं l पौधा डेढ़ से दो फीट का होने के बाद वन विभाग एवं मनरेगा को उनके मांग के अनुरूप पौधों की आपूर्ति करती हैं l नर्सरी से इन्हें प्रति वर्ष लगभग 2 लाख रुपये का शुद्ध मुनाफा हो रहा है l इस कार्य में इनके बेटा मदद करते हैं l बिंदु देवी द्वारा उत्पादित एवं संरक्षित पौधों की प्रदर्शनी समय-समय पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में भी होती है l प्रखंड स्तर एवं जिलास्तर अपर आयोजित कार्यक्रमों में इन्हेपौधों की बिक्री सह प्रदर्शि के लिए आमंत्रि किया जाता है l आगंतुक इनके द्वारा उत्पादित पौधों को खरीदते भी हैं और आयुर्वेदिक पौधों के बारे में जानकारी भी लेते हैं l
बिंदु देवी बताती हैं कि जीविका ने उन्हें सहारा दिया है l नर्सरी में पौधा उत्पादन एवं संरक्षण से उन्हें प्रकृति के करीब भी रहने का मौका मिल रहा है साथ ही पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान दे रही हूँ l नर्सरी से उन्हें आर्थिक संबल तो मिला ही है समाज में पहचान भी मिली है l प्रति माह इन्हें 15 से 20 हजार रुपये की आमदनी हो जाती है l जीविका दीदियाँ स्वरोजगार के नित नए आयामों से खुद को आर्थिक एवं सामाजिक सशक्तिकरण की राह पर लाई हैं l वर्तमान समय में लखीसराय के विभिन्न प्रखंडों में कुल 14 दीदी की पौधशाला संचालित है l
