
उज्जैन/मध्यप्रदेश (अविनाश चतुर्वेदी )27 जुलाई।मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन में प्राचीन परंपरागत तरीके से कल .28 जुलाई. निकलने वाली श्रावण की तीसरी सवारी भगवान महाकालेश्वर शिव तांडव स्वरूप में अपने भक्तों को दर्शन देंगे।
प्राचीन समय से प्रतिवर्ष श्रावण एवं भाद्र पक्ष में परंपरागत तरीके से निकलने वाली भगवान महाकालेश्वर की सवारी इस वर्ष प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशानुरूप भगवान अधिक भव्य रूप में निकाल रही हैं। श्रावण माह में निकलने वाली सवारी के क्रम में तृतीय सोमवार . 28 जुलाई. को भगवान श्री महाकालेश्वर श्री चंद्रमौलेश्वर के रूप में पालकी में, हाथी पर श्री मनमहेश के रूप में व गरूड़ रथ पर श्री शिव-तांडव रूप में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे।
श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक श्री प्रथम कौशिक ने बताया कि भगवान की सवारी निकलने के पूर्व श्री महाकालेश्वर मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके पश्चात भगवान श्री चन्द्रमोलेश्वर पालकी में विराजित होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवानों द्वारा पालकी में विराजित भगवान को सलामी दी जावेगी।
उसके बाद सवारी परंपरागत मार्ग महाकाल चौराहा, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार और कहारवाडी से होती हुई रामघाट पहुंचेगी। जहॉ क्षिप्रा नदी के जल से भगवान का अभिषेक और पूजन-अर्चन किया जावेगा। इसके बाद सवारी रामानुजकोट, मोढ की धर्मशाला, कार्तिक चौक खाती का मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, ढाबा रोड, टंकी चौराहा, छत्री चौक, गोपाल मंदिर, पटनी बाजार और गुदरी बाजार से होती हुई पुन: श्री महाकालेश्वर मंदिर पहुंचेगी।
