
भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान के तत्वावधान में मनाई गई बाबू ललन जी की जयंती।
RKTV NEWS आरा(भोजपुर) 27 जुलाई। स्थानीय पटेल बस पड़ाव परिसर स्थित भिखारी ठाकुर सांस्कृतिक मंच शत्रुंजय प्रसाद सिंह उर्फ बाबू ललन जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात आयोजित परिचर्चा में बोलते हुए वक्ताओं ने बाबू ललन जी को “भारत रत्न ” देने की मांग करते हुए कहा की आरा जैसे कस्बाई क्षेत्र से वे निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई।शास्त्रीय संगीत का कोई भी घराना हो वे आरा(जमीरा कोठी) में आना अपना मान सम्मान मानते और लालायित रहते थे।यही कारण रहा की उस दौर से ही आरा को मिनी बनारस कहा जाने लगा।
बाबू ललन जी की जन्मतिथि पर आयोजित कार्यक्रम “शास्त्रीय संगीत और बाबू ललन जी”परिचर्चा में आगत अतिथियों ने ये बातें कही।कार्यक्रम की अध्यक्षता सवर्ण क्रांति सेना की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम सिंह और संचालन पत्रकार नरेंद्र सिंह ने किया।कार्यक्रम के दौरान लोक कलाकार भिखारी ठाकुर और उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।अतिथियों का स्वागत पुष्पेंद्र नारायण सिंह ने किया।
भिखारी ठाकुर सामाजिक शोध संस्थान द्वारा आयोजित परिचर्चा के दौरान उनके शिष्य के रूप में आई महिला कॉलेज की पूर्व प्राचार्य डॉ सरोज सिंह व शालिनी जी को उनके कार्यकाल में हुए कई शास्त्रीय सम्मेलन की यादें साझा की।वहीं पुत्रवधू लीला सिंह ने कोलकाता में राष्ट्रीय सम्मेलन का जिक्र करते हुए बताया की एक साजिश के तहत बाबू ललन जी के समकक्ष एक बहुत बड़ा मृदंग रख दिया गया लेकिन वे झिझके नहीं बल्कि पैरों और हाथ से उसे बजाकर सम्मेलन में वाह वाही लूटी।राजघराने से आने के बाद भी वे आजीवन समाज के प्रति समर्पित रहते हुए शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा दिया।बाबू ललन जी पर रंगकर्मी सह पत्रकार रविन्द्र भारती के लिखे आलेख को अधिवक्ता अतुल प्रकाश ने अपने शब्दों में प्रस्तुत किया।जिससे कई लोगों को उनके बारे में नई नई जानकारियां मिली।
परिचर्चा में शामिल लोगों में सीनियर सिटीजन के राष्ट्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद सिंह, नीरजा सिंह,अर्पित मिश्रा,स्वामी विक्रमादित्य, डॉ आर सी भूषण ,कृष्ण प्रताप सिंह उर्फ पप्पू सिंह,नारद मुनि तिवारी,डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा,आनंद मोहन सिंह,सर्वजीत कुमार,चिकित्सक नन्द किशोर राम,जितेंद्र कुमार सिंह,योगेंद्र सिंह, डॉ उमेश सिंह,व्यास कमलेश आदि प्रमुख थे।
