
RKTV NEWS/देहरादून (उत्तराखंड)16 जुलाई।राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने मंगलवार को राजभवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखण्ड द्वारा आयोजित ‘‘टीबी मुक्त भारत अभियान’’ के अंतर्गत पुरस्कार समारोह में बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीबी रोगियों को गोद लेकर नियमित निगरानी और मानसिक संबल प्रदान कर रोगियों के स्वस्थ होने में मदद करने वाले 13 निःक्षय मित्रों को सम्मानित किया। वहीं उन्होंने 13 ट्रीटमेंट सपोटर्स को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया, जिन्होंने जमीनी स्तर पर कार्य कर, रोगियों के उपचार की नियमित मॉनिटरिंग और उनकी समुचित देखभाल की।
इस दौरान राज्यपाल ने टीबी उन्मूलन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपदों देहरादून, चम्पावत और रुद्रप्रयाग को भी सम्मानित किया। उन्होंने टीबी रोग से स्वस्थ हुए ‘टीबी चैंपियनों‘‘ को भी सम्मानित किया और गोद लिए गए टीबी मरीजों को पोषण किट प्रदान की। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि टीबी उन्मूलन केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी और सामूहिक संकल्प आवश्यक है। उन्होंने कहा कि टीबी से स्वस्थ हुए लोग असली योद्धा हैं और समाज के लिए प्रेरणा बन सकते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में कार्य कर रहे सभी लोगों, स्वयं सेवी संस्थाओं और स्वास्थ्य विभाग के प्रयासों की सराहना की और कहा कि इन सभी लोगों की मेहनत से हमारा प्रदेश अग्रणी राज्यों में है।
राज्यपाल ने बताया कि उन्हें भी निःक्षय मित्र बनने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, और अब तक उन्होंने 75 टीबी रोगियों को गोद लिया है, जिनमें से 62 मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं। उन्होंने समाज के सामर्थ्यवान व्यक्तियों से अपील की कि वे भी आगे आकर निःक्षय मित्र बनें और इस अभियान को गति दें। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि जानकारी के अभाव में कोई भी रोगी उपचार से वंचित न रहे। यह सुनिश्चित किया जाए कि अभियान अंतिम छोर तक पहुंचे और प्रत्येक रोगी को समुचित देखभाल एवं उपचार मिल सके। राज्यपाल ने आशा व्यक्त की कि सभी के सम्मिलित प्रयासों से प्रदेश को 2025 में टीबी मुक्त बनाने में सफल होंगे।
