
5 एकड़ में विशाल जल संग्रहण टैंक बनकर तैयार।
अब ‘हर खेत को पानी’ का सपना होगा साकार।
307 एकड़ कृषि भूमि की होगी सिंचाई।
RKTV NEWS/नारनौल(महेंद्रगढ़)12 जुलाई ।हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के दौचाना गांव की किस्मत जल्द ही बदलने वाली है। अटल भूजल योजना के तहत निर्मित विशाल जल संग्रहण टैंक के साथ यह छोटा सा गांव अब आदर्श जल प्रबंधन मॉडल बनने की और अग्रसर है। प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दूरदर्शी नेतृत्व और हरियाणा सरकार की अटूट प्रतिबद्धता का ही यह परिणाम है कि राजस्थान की सीमा से सटे इस क्षेत्र में अब ‘हर खेत को पानी’ का सपना साकार होने जा रहा है।
यह अत्याधुनिक जल संग्रहण टैंक लगभग 5 एकड़ क्षेत्र में फैला है और 15 फीट गहरा है । इसकी क्षमता लगभग 74.29 मिलियन लीटर है तथा यह 307 एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगा। लगभग 1.25 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से तैयार यह परियोजना सिर्फ पानी जमा करने का साधन नहीं बल्कि पूरे गांव की आर्थिक स्थिति में अभूतपूर्व बदलाव लाने का जरिया बनेगी।
यह टैंक दौचाना डिस्ट्रीब्यूटर से जुड़ा हुआ है जिससे जल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इसकी सीमेंटेड तली और चारों दीवारें इसे मजबूत और टिकाऊ बनाती हैं। सुरक्षा के दृष्टिगत चारों ओर की दीवार पर तारों की फेंसिंग की गई है।
सिंचाई विभाग के एक्सईएन संदीप नाशियर ने विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन नेटवर्क बिछाने का कार्य भी लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि चाहे खेत पास हों या दूर, हर किसान को समय पर और पर्याप्त सिंचाई मिलेगी। इस योजना का उद्देश्य प्रति बूंद अधिक से अधिक फसल लेना है। यहां पर एक कंट्रोल रूम बनेगा। इस कंट्रोल रूम से अलग-अलग लाइनों के लिए निर्धारित समय के तहत पानी छोड़ा जाएगा। किसान अपने खेत में माइक्रो इरीगेशन प्रणाली के जरिए सिंचाई करेंगे। उन्होंने बताया कि विभाग ने किसानों के उत्थान और कृषि विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। अटल भूजल योजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। दौचाना गांव का यह मॉडल न केवल जल संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करेगा बल्कि यह भी दिखाएगा कि कैसे सुदृढ़ नीति और प्रभावी कार्यान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती हैं।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के संकल्पित प्रयासों से अब दौचाना के खेतों में भी जल्द ही फसलें लहलहाती नजर आएंगी जिससे किसानों के चेहरों पर खुशहाली आएगी।
