
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)11 जुलाई। गुरुवार को भगवान् श्रीवेदव्यास प्राकट्योत्सव “श्रीगुरु-पूर्णिमा महोत्सव” के अवसर पर श्रीसनातन शक्तिपीठ संस्थानम् एवं सनातन-सुरसरि सेवा न्यास के संयुक्त तत्त्वावधान में फ्रेंड्स कॉलोनी कार्यालय में कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रातःकाल पंचदेव पूजन, वेदव्यास पूजन, गुरु-पूजन, सुन्दरकाण्ड का पाठ संपन्न हुआ।तदुपरांत प्रवचन करते हुए आचार्य डॉ भारतभूषण जी महाराज ने कहा कि संपूर्ण वैदिक वाङ्मय को सर्वकल्याण हेतु जनसाधारण को सुलभ कराने के लिए भगवान् श्रीमन्नारायण ने वेदव्यास के रूप में कलावतार लिया।जीवमात्र के कल्याण के लिए भगवान् वेदव्यास ने वेदों का कई विभाग किया और परंपराप्राप्त विद्याध्ययन का मार्ग प्रशस्त किया। आचार्य ने कहा कि वैदिक सनातन धर्म के आश्रय से ही संपूर्ण प्राणियों का सर्वविध उत्कर्ष सुनिश्चित है और उसके सबसे बड़े प्रकाशक भगवान वेदव्यास ही हैं। उनके प्राकट्य दिवस आषाढ़ पूर्णिमा को पूरे सनातन जगत् में कृतज्ञतापूर्वक गुरु पूजन आयोजित किया जाता है। इस अवसर पर पं मधेश्वर नाथ पाण्डेय,प्रो बलिराज ठाकुर, शिवदास सिंह, सत्येन्द्र नारायण सिंह, उमाकांत शर्मा,जनार्दन मिश्र, ब्रजकिशोर पाण्डेय,निलेश कुमार मिश्र, पिंटू सिंह, सूर्य प्रकाश, सुभाष पांडेय, अंजनी श्रीवास्तव समेत तमाम लोगों ने पाठ-पूजन-प्रवचन में भाग लिया।
