
RKTV NEWS/अनिल सिंह 08 जून।आरा नगर निगम का खुद का अपना वार्षिक बजट अरबों रुपए का है जिसके बजट प्रस्ताव में आम सभा के माध्यम से सांसद,विधायक ,विधानपार्षद सरीखे कई वरीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि शामिल होते है। इसके बाद भी आरा शहर में कचड़े को फेंकने और उसके निस्तारण के लिए उपयुक्त जगह का न हो पाना चिंता का विषय है। उक्त चिंतनीय संबोधनों के साथ आरा नगर की सफाई व्यवस्था पर अपने शब्दों में चिंता जाहिर करते हुए समाज सेवी अमरदीप कुमार जय ने अपने द्वारा प्रेषित एक विज्ञप्ति के माध्यम से अपनी बातें कही है। अमरदीप ने शहर की स्वच्छता को लेकर आरा नगर निगम से इसके बेहतर प्रबन्धन को सुचारू रूप से संचालित करने की अपनी इच्छा को जाहिर करते हुए जनहित में कई सवालों की तरफ ध्यान आकर्षित कराने का प्रयास भी किया है।

अमरदीप ने कहा कि देश स्तर पर स्वच्छ भारत अभियान के तहत सफाई व्यवस्था संचालित की जा रही है। जो सफाई पहले विभागीय हुआ करती थी लेकिन विभागीय व्यवस्था में सफाई व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित नहीं हो पा रही थी के मानक के आधार पर सरकार द्वारा बेहतर स्वच्छता प्रबंधन के लिहाज से इन कार्यों को भी टेंडर के माध्यम से संचालित कराने का कार्य सराहनीय तो है लेकिन क्या वास्तव में टेंडर के माध्यम से सफाई बेहतर प्रबन्धन के साथ हो पा रही है यह चिंतनीय है। इस ओर विभाग और संबंधित मंत्रालय को ध्यान देने की जरूरत है।

अमरदीप कुमार जय ने कहा कि यदि किसी भी कारणों से कचड़े सड़कों पर खुले रूप से बिखरे रहेंगे जिसके लिए कुछ हद तक आम जनता भी जिम्मेवार है तो यह कहने में अतिश्योक्ति नहीं होगी कि उन कचड़ों जिनमें प्लास्टिक,अस्पतालों के गंदे कचड़े आदि के कारण शहर में बीमारियों और मच्छरों के प्रकोप को कम करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।
समाज सेवी ने उक्त सभी समस्याओं की तरफ भोजपुर जिलाधिकारी सहित जनप्रतिनिधियों का ध्यान आकृष्ट कराते हुए उनसे आग्रह किया है कि बेतरतीब कचड़ा प्रबन्धन और खटालों द्वारा मवेशियों को खुला छोड़े जाने को लेकर आम जनता को हो रही परेशानियों का निदान करने का प्रयास करते हुए इसके लिए संबंधित विभागों के क्रियाकलापों को सुचारु रूप से संचालित करवाने के साथ साथ मवेशियों को खुला छोड़ने वालों और कचड़े को खुले में फेंकने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई हेतु दिशा निर्देश जारी करने की आवश्यकता है।
