RK TV News
खबरें
Breaking News

पटना:”बिहार में आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तनजनित नगरीय बाढ़” विषयक एक उच्च स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन।

RKTV NEWS/पटना (बिहार)05 जून।बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (BSDMA) द्वारा आज 05 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर “बिहार में आपदा प्रबंधन और जलवायु परिवर्तनजनित नगरीय बाढ़” विषयक एक उच्च स्तरीय संगोष्ठी का आयोजन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत की अध्यक्षता में एवं सदस्यों पी.एन. राय, कौशल किशोर मिश्र, नरेंद्र कुमार सिंह, प्रकाश कुमार के मार्गदर्शन में सरदार पटेल भवन, पटना स्थित सम्मेलन कक्ष में किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में राज्य और केंद्र सरकार के संबंधित विभागों, मौसम विज्ञान संस्थानों, नगर निकायों, सिविल सोसाइटी संगठनों तथा आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में कार्यरत विशेषज्ञों ने सहभागिता की और नगरीय क्षेत्रों में बाढ़ की बढ़ती चुनौती पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम की शुरुआत BSDMA के सदस्य पी.एन. राय द्वारा “बिहार अर्बन फ्लड रेज़िलिएंस फ्रेमवर्क” की रूपरेखा तथा प्राधिकरण द्वारा किए जा रहे नवाचारों की जानकारी से हुई। इसके बाद बिहार मौसम सेवा केंद्र के निदेशक डॉ. सी.एन. प्रभु ने जलवायु परिवर्तन के प्रभाव स्वरूप तीव्र वर्षा की आवृत्ति, उसकी जल-वैज्ञानिक जटिलताएं और उसके समाधान हेतु ISRO-हैदराबाद के सहयोग से किए जा रहे प्रयासों का विवरण प्रस्तुत किया।
जल संसाधन विभाग के अंतर्गत कार्यरत बाढ़ प्रबंधन सूचना प्रणाली केंद्र (FMISC) के संयुक्त निदेशक ने FMISC और भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु के सहयोग से किए जा रहे विश्लेषणात्मक कार्यों और तकनीकी समाधानों की प्रस्तुति दी, जो शहरी बाढ़ पूर्वानुमान और जल प्रबंधन को सशक्त बना रहे हैं। इसके उपरांत शहरी विकास एवं आवास विभाग, जल जीवन हरियाली मिशन तथा पटना नगर निगम के प्रतिनिधियों द्वारा मानसून पूर्व तैयारी संबंधी गतिविधियों की जानकारी दी गई। इन प्रस्तुतियों में सीवरेज नेटवर्क, जल निकासी प्रणाली, हरित समाधान एवं संरचनात्मक उपायों पर विशेष ध्यान दिया गया।
कार्यक्रम के दौरान SEEDS इंडिया के अंशु शर्मा ने ऑनलाइन माध्यम से डिजिटल तकनीक और पारंपरिक ज्ञान के समन्वय से नगरीय बाढ़ जोखिम न्यूनीकरण की रणनीतियों को साझा किया। BSDMA के डॉ. जीवन ने प्राधिकरण द्वारा शुरू किए गए “सेफ स्विमिंग प्रोग्राम” की जानकारी दी, जो बच्चों और किशोरों को सुरक्षित तैराकी का प्रशिक्षण देकर बाढ़ की स्थिति में जीवन रक्षा कौशल प्रदान करता है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में सिविल सोसाइटी संगठनों के साथ संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में यूनिसेफ, नवजागृति, युगांतर, सखी, आदिति, GPSVS जैसे संगठनों ने नगरीय आपदाओं से निपटने हेतु सुझाव दिए और समुदाय-आधारित समाधान प्रस्तुत किए। यह परिचर्चा सहभागी दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल रही।
संगोष्ठी का समापन बिहार राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदयकांत मिश्रा के प्रेरणादायी “वे फॉरवर्ड” संबोधन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न खतरों का सामना करने के लिए विज्ञान-आधारित रणनीति, संस्थागत समन्वय और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया। इस अवसर पर प्राधिकरण सचिव मो. वारिस खान सहित हितभागी विभागों एवं प्राधिकरण के पदाधिकारीगण उपस्थिति रहें।
यह संगोष्ठी बिहार में नगरीय आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में न केवल नीति-निर्धारण हेतु विचारों का आदान-प्रदान करने का मंच बनी, बल्कि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से निपटने हेतु समन्वित कार्ययोजना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी सिद्ध हुई।

Related posts

बिहार लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम -2015 के तहत अपील की सुनवाई जिला पदाधिकारी के द्वारा की गई।

rktvnews

मध्यप्रदेश:स्वच्छ उज्जैन से स्वस्थ उज्जैन की ओर शहर के बढ़ते कदम।

rktvnews

भोजपुर:अंतर महाविद्यालय टेबल टेनिस पुरस्कार वितरण कर बोले मुख्य अतिथि प्रो जीतेन्द्र कुमार ,नियमित अभ्यास से बनेंगे अच्छे खिलाड़ी।

rktvnews

भोजपुर:चुनाव के मद्देनज़र फ्लैग मार्च

rktvnews

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में 350 करोड़ रु० की लागत से 80 एकड़ भूमि पर बननेवाले पशु चिकित्सा विज्ञान महाविद्यालय के कार्यों का भूमि पूजन किया।

rktvnews

नवरात्र के आठवें दिन माॅं महागौरी की होती है आराधना।

rktvnews

Leave a Comment