पांच दिवसीय पांडुलिपि प्रदर्शनी सह कार्यशाला का किया गया उदघाटन।
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)01 जून।श्रुत पंचमी पर्व एवं 122वाँ स्थापना दिवस समारोह शनिवार को प्रातः 8 बजे स्थानीय श्री जैन सिद्धांत भवन जेल रोड आरा में धूम धाम से मनाया गया। इस अवसर पर पाँच दिवसीय पाण्डुलिपि प्रदर्शनी सह कार्यशाला का विधिवत् उद्घाटन मुख्य अतिथि शशि शेखर,अपर समाहर्ता, भोजपुर बलदेव चौधरी, अपर समाहर्ता सह जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी, भोजपुर, विशिष्ट अतिथि डॉ. अमित कुमार, विभागाध्यक्ष, प्राकृत एवं जैनोलॉजी विभाग वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा संस्था के निदेशक डॉ विश्वनाथ चौधरी सं. सचिव अभय कुमार जैन प्रशान्त कुमार जैन ने संयुक्त रूप से किया।
यह प्रदर्शनी 31 मई से 4 जून, 2025 तक प्रतिदिन प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक जनसामान्य के लिए खुली रहेगी, जिसमें प्राचीन, चित्रित एवं अत्यंत दुर्लभ हस्तलिखित ग्रंथों का सार्वजनिक अवलोकन कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य आमजन, विशेषकर युवाओं को पाण्डुलिपियों की सुरक्षा उसके ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व बौद्धिक महत्व से परिचित कराना है, जिससे ज्ञान परंपरा के प्रति जिज्ञासा और सम्मान का भाव जागृत हो। भारतीय ज्ञान-संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से श्री देव कुमार जैन प्राच्य शोध संस्थान (ओरिएंटल लाइब्रेरी), आरा मे यह आयोजन राष्ट्रीय पाण्डुलिपि मिशन, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार एवं ज्ञान भारतम मिशन, नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में कराया जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत श्रुत स्कंध यंत्र एवं जिनवाणी की पूजा अर्चना से की गई समस्त कार्यक्रम पंडित गुलाब चंद जैन के निर्देशन में सम्पन्न हुई। संस्था के निदेशक और सं सचिव द्वारा आगत अतिथियों का स्वागत शॉल ओढ़ाकर किया गया l
मुख्य अतिथि शशि शेखर, अपर समाहर्ता, भोजपुर ने अपने संबोधन में कहा कि आजकल के बच्चों को सोशल मीडिया से दूरी बनाकर पुस्तकों की ओर रुझान बढ़ाना चाहिए, क्योंकि ज्ञान का वास्तविक स्रोत किताबें ही हैं। अध्यक्षता कर रहे बलदेव चौधरी अपर समाहर्ता भोजपुर ने जैन धर्म के मूल सिद्धांत के बारे मे प्रकाश डाला निदेशक डॉ विश्वनाथ चौधरी ने श्रुत पंचमी पर्व और उसके महत्व पर प्रकाश डाला सं सचिव प्रशांत कुमार जैन ने संस्था का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया उन्होंने बताया कि हाल ही में संस्थान को विशिष्ट पुस्तकालय का दर्जा प्राप्त हुआ है जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है इससे विकास को गति के साथ साथ साहित्य एवं शोध कर रहे छात्रों को ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय पांडुलिपि मिशन के तहत सैकड़ों पांडुलिपियों का सुरक्षात्मक संरक्षण कर भविष्य के लिए सुरक्षित किया जा चुका हैं आगे कार्य जारी है।
कार्यक्रम में श्री जैन कन्या माध्यमिक पाठशाला की छात्राओं द्वारा भावविभोर कर देने वाले स्वागत गीत एवं मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। इस अवसर पर विगत दो वर्षों से नि:शुल्क सेवा प्रदान कर रही मुस्कान कुमारी सहायक शिक्षिका श्री जैन कन्या माध्यमिक पाठशाला के समर्पण की सराहना करते हुए संस्थान के सचिव प्रशांत कुमार जैन और आगत अतिथियों द्वारा उन्हें प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
स्वागत भाषण सह मंच संचालन प्रशांत कुमार जैन सचिव ने किया। पूर्वजों की स्मृति को श्रद्धापूर्वक नमन किया। कार्यक्रम में रेखा जैन वार्ड पार्षद , कृष्ण माधव अग्रवाल, डॉ विकास जैन, विभोर जैन, ब्र. सुलोचना दीदी, अखिलेश जैन, सुनीता जैन, सारिका जैन, सन्मति जैन, समाज के कई गणमान्य व्यक्ति, महिलाएं प्राचार्या डॉ माया गुप्ता श्री जैन बाला विश्राम उच्च विद्यालय प्राचार्य ज्ञानी जैन (श्री जैन बाला विश्राम मध्य विद्यालय, प्राचार्या रश्मी जैन (श्री जैन कन्या माध्यमिक पाठशाला), शिक्षण-गण एवं संस्थान के सक्रिय सदस्यगण — इषिता तिवारी, रविशंकर उपाध्याय, अखिलेश्वर प्रसाद, रवि , सुमन आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का समापन श्रुत ज्ञान के प्रचार-प्रसार, ग्रंथों के संरक्षण एवं शोध-संस्कृति के संवर्धन के दृढ़ संकल्प के साथ किया गया
धन्यवाद ज्ञापन अभय कुमार जैन सचिव द्वारा किया गया।
अंत में प्रसाद वितरण नवनीत जैन दिल्ली देवाश्रम परिवार द्वारा किया गया।

