
RKTV NEWS/पटना (बिहार) 14 मई।बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ मीडिया प्रभारी राजेश निराला ने कहा कि सैनिक का कोई जात ना धर्म होता हैं केवल राष्ट्र की सेवा और राष्ट्र सर्वोपरि होता हैं इस तरह से बयान दे कर मंत्री ने अपनी ओछी मानसिकता का परिचय दिया है देश के पूर्व सैनिक काफ़ी आक्रोशित हैं साथ ही साथ पूर्व सैनिक ने माँग की हैं जल्द से जल्द इसकी गिरफ़्तारी हो नहीं तो सैनिकों के मान सम्मान और मनोबल पर ठेस पहुँचेगा कर्नल सोफिया कुरैशी जिसने अपने जीवन को देश की रक्षा में समर्पित कर दिया।
लेकिन दुख इस बात का है कि जिस देश की मिट्टी ने ऐसी वीरांगना को जन्म दिया, वहीं आज सत्ता की कुर्सी पर बैठे कुछ लोग उसकी देशभक्ति पर सवाल उठा रहे हैं। क्या केवल इसलिए क्योंकि वह आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही हैं? क्या इसलिए क्योंकि वह निडर हैं, ईमानदार हैं, और समझौता नहीं करतीं?
आज कुछ नेता—जो खुद कभी देश की स्वतंत्रता की लड़ाई में नहीं लड़े, जिन्होंने कभी सीमा पर खड़े होकर दुश्मन की गोली का सामना नहीं किया—वे इस वीर महिला को ‘आतंकवादियों की बहन’ कह रहे हैं। यह न केवल सोफिया कुरैशी का अपमान है, बल्कि पूरी भारतीय सेना का अपमान है। यह उन हज़ारों शहीदों का अपमान है जिनकी कुर्बानी से हम आज आज़ादी की हवा में साँस ले पा रहे हैं।
हमें याद रखना होगा कि महात्मा गांधी की हत्या एक आतंकवादी सोच का नतीजा थी—और उस सोच से निकले संगठन आज लोकतंत्र की आड़ में राष्ट्रवाद का चोला पहनकर देश को तोड़ने का काम कर रहे हैं।
पुलवामा हो या हाल ही का पहलगाम हमला—इन हमलों में शहीद होने वाले जवानों की शहादत पर अगर कोई राजनीति करता है, तो वह देशभक्त नहीं हो सकता। वह सिर्फ सत्ता के लिए देश को बेचने वाला सौदागर हो सकता है।
और जब कोई मंत्री—जैसे विजय शाहू—एक देशभक्त अफसर के खिलाफ देशद्रोह जैसा बयान दे, तो उसे मंत्री बने रहने का कोई हक नहीं। हम मांग करते हैं कि ऐसे व्यक्ति को तत्काल मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए और उस पर देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाए।
आज देश को ज़रूरत है सच्चे देशभक्तों की—जैसे कर्नल सोफिया कुरैशी। और खतरा है नकली राष्ट्रवादियों से—जो देशभक्ति को गाली बना रहे हैं।
