
RKTV NEWS/दरभंगा(बिहार)12 मई।तेज़ गर्मी के बावजूद दरभंगा जिले में संचालित महिला संवाद कार्यक्रम में उत्साहित महिलाओं भागीदारी देखने को मिल रही है। महिलाएं योजनाओं की जानकारी लेने के साथ-साथ अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा कर रही हैं और सामाजिक समस्याओं पर भी खुलकर चर्चा कर रही हैं।
उन्होंने अपनी आकांक्षाओं और आवश्यकताओं को भी मंच पर रखा,जिससे यह कार्यक्रम महिलाओं की वास्तविक आवाज़ का मंच बन गया है।
बिहार सरकार द्वारा संचालित यह पहल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
यह कार्यक्रम ग्रामीण स्तर की महिलाओं को उनके अधिकारों,योजनाओं की जानकारी और सामाजिक भागीदारी के अवसर प्रदान किया है।
महिलाएं पंचायत और गांव स्तर की समस्याओं जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य,जलजमाव,सामुदायिक भवन,वृद्धावस्था पेंशन, सिंचाई संसाधन,सोलर लाइट तथा रोजगार के मुद्दों को खुलकर रख रही हैं। साथ ही वे लघु कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देने की भी मांग कर रही हैं।
महिलाएं इस संवाद मंच पर अपनी जीवन यात्रा और आत्मनिर्भर बनने की कहानियाँ भी साझा कर रही हैं।
कई महिलाओं ने बताया कि जीविका से जुड़ने के बाद उन्होंने छोटे व्यवसाय शुरू किए, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधरी, बल्कि उन्हें समाज में नया सम्मान भी मिला।
दरभंगा जिले के सभी 18 प्रखंडों में कुल 25 महिला संवाद रथ पंचायतों में भ्रमण कर रहे हैं। ये रथ ऑडियो संदेश, वीडियो फिल्में, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समूह चर्चाओं के माध्यम से सरकार की योजनाओं की जानकारी सरल और प्रभावी रूप में महिलाओं तक पहुँचा रहे हैं।
रथों के ज़रिए योजनाओं पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन भी किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को विषयवस्तु आसानी से समझ में आ सके।
कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के द्वारा विभिन्न योजनाओं का लीफलेट्स का भी वितरण किया जा रहा है। इन योजनाओं में महिला आरक्षण नीति, मुख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना, छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मुख्यमंत्री नारीशक्ति योजना, सतत जीविकोपार्जन योजना, जीविका योजना और बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना प्रमुख हैं।
लीफलेट्स में योजनाओं की पात्रता,आवेदन प्रक्रिया और लाभों की जानकारी सरल भाषा में दी गई है,ताकि महिलाएं स्वयं आवेदन कर सकें और इनसे जुड़ सकें।
महिलाओं ने बताया कि इन योजनाओं ने उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आए हैं।
उन्हें अब आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में एक नई पहचान और सम्मान प्राप्त हो रहा है।
महिला संवाद अब एक जनांदोलन का रूप लेता जा रहा है,जो महिलाओं को आगे बढ़ने और अपनी बात रखने का सशक्त मंच प्रदान कर रहा है।
