
खैरागढ़/छत्तीसगढ़ (रवींद्र पांडेय) 28 अप्रैल। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ में प्रो. डाॅ. लवली शर्मा द्वारा कुलपति का पदभार ग्रहण के पश्चात संस्थान के विकास और संचालन में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। विश्वविद्यालय के स्तर को ऊंचा उठाने की दिशा में सतत निरीक्षण और कार्यों की समीक्षा की जा रही है जिससे प्रशासनिक और अकादमिक गतिविधियों को सशक्त बनाया जा सके।
विश्वविद्यालय और जनमानस को जोड़ना
संस्थान और जनमानस के मध्य पुनः सेतु संबंध स्थापित करने और कलाओं को व्यापक स्तर पर प्रचारित करने हेतु प्रथमतः विश्वविद्यालय के गोद ग्रामों में निवासरत ग्रामीणों के लिए 15 दिवसीय संगीत एवं कला की निःशुल्क कार्यशाला आयोजित करने पर विचार किया जा रहा है। इस पहल से स्थानीय निवासियों को संगीत और ललित कला से जुड़ने का अवसर मिलेगा जिससे इस क्षेत्र में रुचि रखने वालों को लाभ प्राप्त हो सकेगा।
जल संरक्षण : एक प्रभावी कदम
पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय में पूर्व से स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को उन्नत करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही आर.ओ. एवं ए.सी. से निकलने वाले जल का भी संरक्षित उपयोग सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है। रियासतकालीन बावली को वॉटर ट्रीटमेंट प्रणाली से पुनर्जीवित करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि जल स्रोतों का संरक्षण और संवर्धन कर अधिकतम लाभ लिया जा सके।
स्वच्छता और हरित पहल
परिसर में फैले सूखे पत्तों और अन्य अपशिष्ट पदार्थों से वर्मी कम्पोस्ट तैयार करने की योजना बनाई जा रही है, जिसका उपयोग परिसर के वृक्षों और पौधों की उर्वरक के रूप में किया जाएगा। विश्वविद्यालय के मध्य से प्रवाहित नाले के वेस्ट वाटर को पौधों की सिंचाई में प्रयोग कर, मानवों के लिए दूषित जल नगर के नदियों में नहीं पहुंचेगा और पानी में उपस्थित उर्वकों से विश्वविद्यालय में लगाए गए पौधों की बढ़त भी हो सकेगी। विश्वविद्यालय की पहल से जल संरक्षण और नगर के स्वच्छता में योगदान दिया जाएगा।
नवाचार और डिजिटल सुविधा
विश्वविद्यालय में आगंतुकों की सुविधा के लिए मुख्य द्वार पर सम्पूर्ण परिसर का बर्डस्आई मैप लगाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे आगंतुकों को संकायों और विभागों तक पहुंचने में सरलता होगी। इसके साथ ही, संस्थान की विभिन्न गतिविधियों की जानकारी हेतु एल.सी.डी. डिस्प्ले स्क्रीन इंस्टॉल करने की योजना भी बनाई जा रही है।
वैश्विक स्तर पर विकास की योजना
कुलपति द्वारा प्रशासनिक, अकादमिक और समसामायिक गतिविधियों को नई ऊंचाई देने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की जा रही है। यह प्रयास विश्वविद्यालय को उसके संस्थापकों के विज़न के अनुरूप एक वैश्विक स्तर की संस्था के रूप में विकसित करने की दिशा में एक ठोस कदम होगा। नई कुलपति के निर्देशन में इन नवीन कार्यों से इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ नई ऊंचाइयों को प्राप्त करने की दिशा में अग्रसर है।
