
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)28 अप्रैल।सर्किल थिएटर इन एजुकेशन फोरम के बैनर तले व प्रसिद्ध नाट्य निर्देशक मनोज कुमार सिंह के निदेशन में चल रहे 15 दिवसीय प्रस्तुति नाट्य कार्यशाला का 12 वां दिन नाट्य संगीत और नृत्य के नाम रहा। बिहार की प्रसिद्ध कत्थक कलाकार व बक्सर में पदस्थापित नृत्य शिक्षिका मीनाक्षी पाण्डेय ने युवा व बाल रंगकर्मियों को नाटक में नृत्य के महत्व को बताया।
इन्होंने कहा कि एक अभिनेता को नृत्य की जानकारी होना बहुत ही आवश्यक है।बिना नृत्य की बारीकीयों को जाने एक पूर्ण अभिनेता होना संभव नहीं।
वहीं नाट्य संगीत निर्देशक व संगीत शिक्षक राजा बसंत ने बताया कि नाटक का संगीत फिल्मों की संगीत से बहुत ही भिन्न होता है।नाटक में संगीत नाटक को रोचक बनाने के साथ – साथ गति भी प्रदान करता है.
कार्यशाला में आये युवा रंगकर्मी अमित राज ने कहा कि मैं इसी क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहता हूँ।नाटक ” शिव-धनुष “की तैयारी भी की जा रही हैं।जिसकी प्रस्तुति सत्य चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित नाट्य उत्सव में 1 मई को होगी।कार्यशाला में भाग ले रहें अन्य युवा कलाकारों में शिवानी कुमारी, राजा कुमार, कुमारी सिद्रा, कुमार चीकू, धीरज कुमार, मधु प्रिया आदि शामिल हैं।
