RKTV NEWS/अनिल सिंह,30 अप्रैल।भोजपुर के गड़हनी प्रखंड के लभुआनी गांव में 28 अप्रैल से चल रहे श्री लक्ष्मी नारायण यज्ञ के तीसरे दिन आज संत सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमे पदमश्री जगतगुरु रामभद्राचार्य शामिल हुए।इस मौके पर बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर भी मौजूद रहे और संत रामभद्राचार्य के साथ राज्यपाल ने संयुक्त रूप से सम्मेलन का उद्घाटन किया।सम्मेलन में काशी,विंध्याचल,बनारस सहित तमाम जगहों से आये सन्त भी शामिल हुए।सम्मेलन के उद्घाटन के पश्चात अपने संबोधन में राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने भारत को संतों की भूमि बताते हुए यज्ञ और पूजन को हर किसी के लिए जरूरी बताया,वहीं जगतगुरु श्री रामभद्राचार्य ने मौजूद लोगों को संबोधित करने से पूर्व सबसे पहले आरा को वीर कुंवर सिंह की भूमि बताते हुए नमन किया उन्होंने कहा कि ये वही बिहार है जहां भगवान श्री राम दूल्हा बनकर आये थे।साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार वही स्थान है जहां भगवान श्रीराम को दूल्हे के रूप में देख कर लोगों ने साक्षात भगवान की कल्पना की थी।सन्त रामभद्राचार्य ने कहा कि ये वही भूमि है जहां चाणक्य जैसे संत पैदा हुए।
वहीं अपने संबोधन में रामभद्राचार्य ने कश्मीर से धारा 370 हटाने की सराहना करते हुए पाक अधिकृत कश्मीर को वापस भारत मे मिलाने की बात कही साथ ही संत रामभद्राचार्य ने बिहार के शिक्षा मंत्री के रामचरितमानस पर पिछले दिनों दिए गए बयान को गलत बताते हुए रामचरितमानस को संसद में प्रस्ताव लाकर राष्ट्रीय ग्रंथ घोषित करने की मांग की उन्होंने भारत को कश्मीर से कन्याकुमारी और गोमुख से गंगा सागर तक एक किये जाने की भी बात कही।आज आयोजित संत सम्मेलन में केंद्रीय पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे और सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल सिहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे.वहीं सम्मेलन के दौरान हुई भारी बारिश के बीच सम्मेलन में पहुंचे लोग एकाग्र होकर जगतगुरु रामभद्राचार्य का सम्बोधन सुनते रहे।

