
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)26 अप्रैल।संस्था दिशा एक प्रयास, जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एक्सेस टू जस्टिस के सहयोग से भोजपुर जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने के लिए अक्षय तृतीया के समय होने वाले विवाह पर विशेष जागरूकता अभियान चला रही है। भोजपुर जिलें के 10 मंदिरों पर विशेष नजर रखी जा रही हैं ताकि बाल विवाह न हो सकें।ऐसा देखा गया है की लोग मंदिर में जाकर शादी कर लेते हैं। उद्देश्य यही है की जिलें में एक भी बाल विवाह न हो ।एक और अति लाभकारी योजना दस्तक कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर चलाया जा रहा है ।जहां पर ग्रामीणों को बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी दी जा रही हैं ।ग्रामीण जनता को इस अधिनियम के अंतर्गत बाल विवाह में शामिल माँ बाप के साथ साथ बाराती, पंडित, नाई, बाजा, हलवाई, लाइट शामियाना तथा रिश्तेदार भी कानूनी सजा के दायरे में आते है। इस पर विस्तृत जानकारी समुदाय में दी जा रही हैं ।बाल विवाह पर लोगों को जागरूक कर दिया जाय ताकि भविष्य में भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा में लोग शामिल न हो तथा एक जन जागरूकता आए । संस्था द्वारा जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन एवं एक्सेस टू जस्टिस के साथ इस कार्यक्रम को सजग बनाने तथा बच्चों को बाल विवाह के त्रासदी से मुक्त कराने हेतु अपने कार्य क्षेत्र के 50 गाँव में दीवाल लेखन, नुक्कड़ नाटक तथा पंचायती राज्य व्यवस्था के साथ बैठक कर इस अभियान को सफल बनाने में लगी है संस्था की सचिव कुमारी सुनिता सिंह ने कहाँ की बालिकाओं को उचित शिक्षा और स्वस्थ्य जीवन देना मेरे जीवन का पहला उद्देश्य है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए रजत कुमार, राजेश कुमार राय, बीरेंद्र कुमार सिंह, संजीत कुमार सिंह, रंजू कुमारी, रिचा कुमारी शामिल थे।
