
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)11 अप्रैल।आज जिलाधिकारी भोजपुर तनय सुल्तानिया के निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त डॉ.अनुपमा सिंह की अध्यक्षता में जिला समाहरणालय सभा कक्ष में वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य मस्तिष्क ज्वर (AES/JE) की रोकथाम, समय पर पहचान एवं समुचित प्रबंधन हेतु स्वास्थ्यकर्मियों के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों में समन्वय स्थापित करना एवं स्पष्ट रणनीति तैयार करना था।
मस्तिष्क ज्वर (AES) एक गंभीर बीमारी है, जो प्रायः 01 से 15 वर्ष की आयु के बच्चों को प्रभावित करती है। इसके मुख्य लक्षणों में तेज बुखार के साथ चमकी, सिरदर्द, भ्रम, बेहोशी जैसी मानसिक स्थितियों में बदलाव शामिल हैं। यह बीमारी वायरल संक्रमण जैसे जापानी इंसेफलाइटिस, खसरा, मम्प्स, चेचक, कुपोषण, अधपकी लीची का सेवन एवं सुअरबाड़ा या जलपक्षियों के निकट रहने वाले बच्चों में अधिक पाई जाती है। बिहार में यह रोग वर्षभर सक्रिय रहता है, लेकिन अप्रैल से नवंबर के बीच इसके मामले अधिक संख्या में सामने आते हैं और इससे संबंधित मृत्यु दर 20-30% तक पाई गई है। रोग से बचाव हेतु “तीन महत्वपूर्ण बातें” सुझाई गईं—पहली, बच्चों को रात में भरपेट भोजन कराएं; दूसरी, रात में सोते समय और सुबह उठते ही उनकी स्थिति जांचें कि कहीं बेहोश या चमकी तो नहीं; और तीसरी, किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत 102 एम्बुलेंस या अन्य उपलब्ध वाहन से नजदीकी अस्पताल पहुंचाएं। बैठक में उप विकास आयुक्त द्वारा निर्देशित किया गया कि सभी प्रखंडों में अविलंब प्रखंड स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक कराई जाए। साथ ही सुअरबाड़ा और महादलित टोला के एक किलोमीटर की परिधि में विशेष सतर्कता बरतते हुए वहां साफ-सफाई, फॉगिंग तथा 15 वर्ष तक के अप्रतिरक्षित बच्चों का टीकाकरण कराया जाए। जिला परिवहन पदाधिकारी को मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के लाभुकों के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। जिला शिक्षा पदाधिकारी को निर्देशित किया गया कि प्राथमिक विद्यालयों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए और अभिभावकों को भी इस संबंध में जागरूक किया जाए। अब तक भोजपुर जिले में मस्तिष्क ज्वर के दो मामले सामने आए हैं।
इस अवसर पर सिविल सर्जन,जिला प्रतिरक्षण पदाधिकरी,उपाधीक्षक,सदर अस्पताल आरा, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला पंचायती राज पदाधिकारी,जिला पशुपालन पदाधिकारी, डीपीएम जीविका,जिला स्वास्थ्य प्रबंधक एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।
