
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)02 अप्रैल।बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग द्वारा स्थाई प्राचार्य की समस्या समाधान की दिशा में साकारात्मक पहल की गई।खाली प्राचार्य की रिक्तियों पर 18 एवं 19 मार्च को टीम के माध्यम से साक्षात्कार किया गया और जल्द ही चयनित प्राचार्यों की सूची जारी कर दिया गया।साक्षात्कार, शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर 12वें स्थान पर चयनित स्थाई प्राचार्य प्रो नरेंद्र प्रताप पालित से पत्रकार डा दिनेश प्रसाद सिन्हा ने बातचीत की जिसके कुछ अंश प्रकाशित।
बताते चलें कि प्रो पालित वर्तमान में वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में सीसीडीसी एवं विधि पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। स्वतंत्रता सेनानी, शिक्षक स्व हीरालाल पालित के पुत्र, वर्तमान में महाराणा प्रताप नगर आरा में रहते है।इनकी शिक्षा गया कालेज गया तथा एम ए और पीएच डी मगध विश्वविद्यालय से हुई। इनका प्रथम योगदान 2003 में महाराजा कालेज आरा के भूगोल विभाग में हुआ।
उस समय से शैक्षणिक कार्यो के साथ साथ विभागाध्यक्ष,कोषेक्षक,कुलानुशासक, आईकयूएसी और बीसीए का को-ऑर्डिनेटर के पद पर कार्य किया है। इसके अतिरिक्त वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में परीक्षा समन्वयक के पद पर ईमानदारी से दायित्व का निर्वहन किया तथा वर्तमान में सिंडीकेट सदस्य हैं।प्रो पालित ने बताया की प्राचार्य के पद पर चयनित होना खुशी की बात है लेकिन चुनौती पूर्ण जिम्मेदारी भी है। कार्य अवधि में समय देना और कार्यों का निष्पादन करना, यही कार्य तो मैं पहले से करते आ रहा हूं। सभी महाविद्यालय, विश्वविद्यालय के अंतर्गत एक प्राचार्य की देखरेख में बढ़िया कार्य करते हैं। अपनी क्षमता और योग्यता से कालेज को बेहतर करने का प्रयास करना है। छात्र-छात्राओं की पढ़ाई सही हो इसका ध्यान रखना, प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन,नैक ग्रेडेशन का प्रयास और शिक्षण कार्य में नवाचार का प्रयोग छात्रहित में करना मेरी प्राथमिकता होगी। इन्होंने बताया कि वेतन और पेंशन अस्थाई समस्या है जिसके समाधान के लिए राज्य सरकार और राजभवन चिंतित हैं।
