
आरा/ भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)29 मार्च।महान स्वतंत्रता सेनानी प्रोफेसर अब्दुल बारी की पुण्यतिथि लोक चेतना मंच के तत्वावधान में प्रोफेसर बलिराज ठाकुर की अध्यक्षता में मनाई गयी।वीकेएसयू के सीनेटर प्रोफेसर ठाकुर ने अब्दुल बारी को शाहाबाद का गौरव बताते हुए कहा कि बिहार में स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान एक महत्वपूर्ण श्रमिक नेता के रूप में उभरे। स्वतंत्रता आंदोलन में जमकर भाग लेने के लिए उन्होंने प्रोफेसर की नौकरी छोड़ दी थी। सन् 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन में प्रोफेसर बारी ने अपने मजदूर यूनियन के सदस्यों के साथ जोर-शोर से भाग लिया था। इस महान नेता के शहीद होने पर महात्मा गांधी ने कहा था कि अब्दुल बारी जैसे व्यक्तित्व का इंसान कभी नहीं मरता है। विशिष्ट अतिथि डॉक्टर अमित जायसवाल ने कहा कि जमशेदपुर से पटना लौटते समय 28 मार्च 1947 को खुसरुपुर में उनकी हत्या कर दी गई। कवि समीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि उनका व्यक्तित्व संघर्षशील लोगों को प्रेरणा देता रहेगा।प्रोफेसर दिवाकर पांडेय ने कहा कि उनका जन्म 1894 ईस्वी में कोईलवर गांव में हुआ था। शिवदास सिंह,शशिकांत तिवारी, जनार्दन मिश्र, अतुल प्रकाश श्रीवास्तव, हरीश उपाध्याय, सरफराज अहमद, नागेंद्र मिश्र, आदि लोगों ने श्रद्धांजलि दी। डॉक्टर सत्यनारायण उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
