RKTV NEWS/अनिल सिंह,24 अप्रैल।बीते दिनों दिल्ली सरकार द्वारा निजी विद्यालयों के खिलाफ मिली शिकायतों जिसमे अभिवावकों को खास दुकानों से ऊंचे दामों में किताबों और यूनिफॉर्म की खरीदारी का दबाव बना शोषण करने की मिली शिकायतों पश्चात शिक्षा निदेशालय द्वारा निजी विद्यालयों की जांच और उनको भेजे गए कारण बताओ नोटिस की प्रशंसा बिहार के भोजपुर जिले के समाज सेवी सह पूर्व निगम पार्षद डॉ जितेंद्र शुक्ला ने की है।उन्होंने इस संबंध में बिहार सरकार से भी आग्रह किया है की दिल्ली सरकार की तरह यहां की सरकारों को भी वैसे निजी विद्यालयों द्वारा शिक्षा के नाम पर किए जा रहे शोषण के खिलाफ जांच करनी चाहिए। उन्होने कहा की शिक्षा जैसे मौलिक अधिकारों को निजी विद्यालयों द्वारा उसका व्यवसायीकरण कर दिया गया है।
शिक्षा के प्रति जागरूक जनता का शोषण हर वर्ष पाठ्यक्रमों को बदल नए किताबों को अपने माध्यम या खास के माध्यमों से ऊंचे दामों पर खरीदने को मजबूर किया जा रहा है,विभिन्न तरह के शुल्कों की उगाही कर रहा है क्योंकि अभिवावकों को अपने बच्चों की भविष्य की चिंता होती है इसलिए वो शोषित होते हुए भी कुछ बोलने से परहेज करते है इस मुद्दे पर उन्होंने दिल्ली के उन अभिवावकों के प्रति आभार प्रकट किया जिन्होंने शोषण कर रहे निजी विद्यालयों के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने बिहार सरकार से EWS के तहत निजी विद्यालयों में 10 प्रतिशत के नामांकन की भी जांच की मांग की उन्होंने कहा की इस निर्देश का पालन अपवादों को छोड़ कई निजी विद्यालय नही कर रहे।अपने अंतिम संबोधन में श्री शुक्ला ने अभिवावकों से भी आग्रह किया की ऐसे शोषण के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करें।

