जल शक्ति विभाग के अनुदान माँग के खिलाफ में बोलते हुए कहा बिहार का नल जल पुरी तरह फेल, योजनाओं की हो जांच।
RKTV NEWS/आरा(भोजपुर)19 मार्च।आरा सांसद सुदामा प्रसाद ने आज लोकसभा में जल शक्ति विभाग के अनुदान माँग के खिलाफ में अपनी बातें रखते हुए कहा कि जल संचय का सवाल पूरे देश ही नही पूरी दुनियां और सृष्टि को बचाने का सवाल है। लेकिन इस दिशा में जो काम होना चाहिए सरकार वो काम नहीं कर रही है। इसलिए सरकार के अनुदान मांग के खिलाफ मैं बोल रहा हूँ।
उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए था कि देश के अंदर जितनी भी बड़ी छोटी नदियां हैं उनपर जल की उपलब्धता के आधार पर बराज बड़े और छोटे बांधों का निर्माण करवाना चाहिए था जल संचय के लिए। लेकिन सरकार की दिलचस्पी इसमे नही है। सरकार स्थानीय लोगों की जरूरत के अनुसार योजनाओं का चयन नही हैं करती है। बिहार में बागमती परियोजना का लोगों में भारी विरोध है, नर्मदा नदी पर सरोवर बांध की ऊँचाई उठानी है किसान विरोध कर रहें हैं लेकिन सम्पूर्ण बिहार को जो धान का कटोरा कहा जाता हैं मध्य बिहार के 8 जिले 60 प्रखंड के करीब 42 लाख एकड़ जमीन सिंचित होगा उस सोन नदी पर इन्द्रपुरी जलाशय बांध बनाने का हम लोग मांग कर रहें हैं उस पर सरकार ध्यान नही देती है। हमारे क्षेत्र भोजपुर में नहरों की स्थिती जीर्ण शीर्ण स्थिति में है उसकी मरमती का कोई व्यवस्था नही है। हमारे जिले का उतरी इलाका में सिंचाई का कोई व्यवस्था नही है। अगर सोन नहर पर इंद्रपुरी जलासय बन जाता है तो न केवल बिहार बल्कि झारखंड को भी अनाज के मामले आत्मनिर्भर बनाया गा। इस लिए हमारी मांग है कि सोन नदी पर इन्द्रपुरी जलासय बनाया जाए।
उन्होंने कहा कि जितने सरकारी नलकूप है सबके सब बेकार पड़े हैं उन्हें चालू करवाया जाए। उन्होंने कहा कि जल पर पहला अधिकार पीनेवाले का होना जो प्यास बुझाने का काम हो दूसरा किसानों का और तीसरा कल कारखानो का होना चाहिए लेकिन पिछले 10 – 11 वेर्षों में इसे उलट दिया गया है। ज्यादा – ज्यादा पानी कल कारखानो को दिया जा रहा है और कल कारखाने नदी को दूषित कर रहें हैं।
दूसरी बात हमारे बिहार में कहा जा रहा है कि 97 प्रतिशत घरों में नल का जल चला गया हैं जो सच्चाई से परे है। इस योजना में 36 करोड़ खर्च हुआ लेकिन यह योजना 97 प्रतिसत फेल है इसकी किसी कमिटी जांच करा ली जाए।
उक्त जानकारी निजी सहायक चन्दन कुमार ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।

