
RKTV NEWS/नई दिल्ली 06 मार्च।7वें जन औषधि दिवस 2025 के पांचवें दिन देशभर के 30 विभिन्न राज्यों के 30 शहरों के फार्मेसी कॉलेजों/विश्वविद्यालयों में जन औषधि परियोजना के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सेमिनार आयोजित किए गए, ताकि फार्मेसी के छात्र जन औषधि केंद्र खोलकर इस योजना का लाभ उठा सकें और स्वरोजगार कर सकें।
फार्मासिस्ट हमारे समाज में विभिन्न माध्यमों से मरीजों और नागरिकों को उचित तरीके से दवाइयां वितरित करके तथा निर्धारित खुराक के साथ समय पर दवाइयां लेने के लिए सहायता प्रदान करके महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। फार्मेसी के छात्रों के बीच योजना की मुख्य विशेषताओं के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए, विभिन्न सेमिनार आयोजित किए गए।
इन सेमिनारों में छात्रों को जन औषधि परियोजना और समाज को इसके लाभों के बारे में जानकारी दी गई। छात्रों को जन औषधि परियोजना के माध्यम से उपलब्ध कराए जा रहे उद्यमशीलता के अवसरों के बारे में भी जागरूक किया गया। छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों के बारे में भी बताया गया, जिन्हें जन औषधि केंद्रों के रूप में समर्पित दुकानों के माध्यम से बेचा जा रहा है। अंत में, छात्रों को इस शानदार परियोजना का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किया गया, जिसके माध्यम से सस्ती दरों पर गुणवत्तापूर्ण दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इन सेमिनारों के दौरान, इस एप्लिकेशन के सही उपयोग के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए “जन औषधि सुगम मोबाइल ऐप” के बारे में जानकारी दी गई है ताकि नागरिक इसका उपयोग कर सकें।
वर्तमान में, देश भर में 15,000 से अधिक जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, जो देश के सभी जिलों को कवर करते हैं। इस योजना के तहत, सरकार ने 31 मार्च, 2027 तक देश भर में 25000 जन औषधि केंद्र खोलने का लक्ष्य रखा है।
प्रधानमंत्री की पहल पर 7 मार्च को हर साल “जन औषधि दिवस” के रूप में मनाया जाता है ताकि इस योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके और जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा दिया जा सके। पिछले वर्षों की तरह, 1 से 7 मार्च 2025 तक देश भर में विभिन्न स्थानों पर सप्ताह भर चलने वाले कार्यक्रमों की योजना बनाई गई है।
