RK TV News
खबरें
Breaking Newsसाहित्य

कोई मुझे बचाये रे!

कोई मुझे बचाये रे

पड़ा हूँ घोर विपदा में रे
कोई मुझे बचाये रे।

व्यथित हो मन विपदा से
खिन्न रहता दिन रैन रे
कोई मुझे बचाये रे।

सहन न कर पर्वत सी विपदा
बरसती रहतीं बदली सी आँँखें रे
कोई मुझे बचाये रे!

कौन सा रोग हुआ है मुझे
कोई वैद्य नहीं धर पाता उसे
गलती जा रही मम देह मोम सी
दवा न करती कोई काम रे
कोई मुझे बचाये रे।

काम न कर रहे हाथ पाँव मेरे
छोड़ दिया हैअन्न जल मुख ने
चल रही बस धीरे धीरे
पुरानी गाड़ी सी साँस रे
कोई मुझे बचाये रे।

रचनाकार: धर्मदेव सिंह

Related posts

12 जून को औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान,आरा लगायेगा रोजगार मेला!500 लोगो को मिलेगा रोजगार।

rktvnews

गढ़वा:उपायुक्त ने किया जनता दरबार आयोजन, आमजनों की समस्याएं सुनते हुए दिए आवश्यक निर्देश।

rktvnews

दुमका:रेशम उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु ‘सखी मंडल संवाद – रेशम’ कार्यक्रम का सफल आयोजन।

rktvnews

17 जुलाई 23 दैनिक पञ्चांग- ज्योतिषाचार्य संतोष पाठक

rktvnews

नेताजी के कंधे चढ़कर, गांधी को धकियाते हुए, हिन्दू-राष्ट्र का भागवत एलान।

rktvnews

भारत मंडपम के शिल्प बाजार के ट्राइब्स इंडिया पैवेलियन में जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन के लिए जनजातीय कला और कलाकृतियों की विस्तृत श्रंखला प्रदर्शित की गई।

rktvnews

Leave a Comment