RK TV News
खबरें
Breaking Newsपर्यावरण

प्लास्टिक मुक्त हो रहा राजस्थान- केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में प्लास्टिक उत्पादों पर रोक, अंदर ले जाने पर जमा करवाने पड़ते हैं 50 रुपए प्रति उत्पाद।

जयपुर/राजस्थान 09अगस्त। पक्षियों की नगरी के नाम से प्रसिद्ध जिला भरतपुर में स्थित केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान में देश-विदेश से हजारों की संख्या में पक्षी प्रतिवर्ष आते है। ऐसे में केवलादेव ने विश्वस्तरीय पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अनूठी पहचान कायम की है। स्थानीय भाषा में घना पक्षी विहार के नाम से पहचान रखने वाला केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान न केवल भरतपुर के लिए बल्कि सम्पूर्ण राज्य के लिए पर्यटन एवं आय का एक बड़ा साधन है। वेटलैंड्स, ग्रासलैंड्स के साथ इतिहास की घटनाओं को अपने आंचल में समेटे हुए केवलादेव पक्षियों के साथ चीतल, सांभर, अजगर एवं विभिन्न प्रकार की वनस्पतियों का घर है। फ़्लोरा एवं फोना से समृद्ध घना यूं तो कई बार पानी की कमी से जूझा, परन्तु प्रशासनिक चेतना एवं सतर्कता के साथ समय रहते घना को बचा लिया गया। इस सबके बीच सबसे बड़ी चुनौती थी, केवलादेव को प्लास्टिक से बचाना। पर्यटकों के साथ पार्क के अंदर जाने वाला प्लास्टिक कई बार उनकी नासमझी की वजह से वन्यजीवों के लिए खतरा साबित होता है। हालाँकि केवलादेव उद्यान प्रशासन द्वारा समय-समय पर सफाई करवा कर एवं जगह-जगह डस्टबिन रखवाकर इस खतरे को रोकने के प्रयास किये जाते रहे हैं।

प्लास्टिक उत्पाद अंदर ले जाने पर जमा करवाने होते हैं 50 रुपए प्रति उत्पाद

केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के उप वन संरक्षक मानस सिंह द्वारा अनूठी पहल कर घना को प्लास्टिक मुक्त करने की दिशा में प्रयास किये जा रहे हैं। श्री मानस ने इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि पर्यटकों द्वारा पार्क में लाये जाने वाले उत्पादों की प्रवेश द्वार पर चेकिंग की जाती है एवं प्रत्येक प्लास्टिक निर्मित उत्पाद पर 50 रुपये प्रति उत्पाद फीस जमा कर एक टैग लगा दिया जाता है। जब पर्यटक पार्क भ्रमण कर लौटते हैं तो टैग लगे हुए प्लास्टिक उत्पाद की वापसी सुनिश्चित की जाती है अन्यथा 50 रुपए जब्त कर लिए जाते हैं। उन्होंने बताया की इस पहल के परिणामस्वरूप पार्क में प्लास्टिक अब न के बराबर है, जिससे प्लास्टिक प्रदूषण से पार्क को बचाया जा रहा है।

पर्यटक भी कर रहे नवाचार की सराहना

केवलादेव प्रशासन के प्रयासों एवं कार्यशैली को देख पार्क में दूर-दराज क्षेत्रों से आने वाले पर्यटक प्राकृतिक छटा को देख अभिभूत हो जाते हैं। लंदन से आई एक महिला पर्यटक एमा ने कहा कि वो यहाँ के प्राकृतिक माहौल को देखकर अचंभित है और राजस्थान आने से पहले उन्होंने जितना केवलादेव उद्यान के बारे में सुना था, उससे कहीं बेहतर पाया। उन्होंने कहा कि पार्क में रहने वाले वन्यजीव एवं पक्षियों के साथ वेटलैंड्स उन्हें प्रकृति की ओर आकर्षित करते हैं।

1 जुलाई 2022 से राज्य में प्रबंधित है सिंगल यूज़ प्लास्टिक

उल्लेखनीय है कि राज्य में 1 जुलाई 2022 से सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग पर प्रतिबन्ध लगा दिया गया है एवं इस दिशा में लगातार सख्ती से कार्यवाही की जा रही है। सिंगल यूज़ प्लास्टिक के अंतर्गत ऐसे उत्पाद शामिल होते हैं जिनका उपयोग सिर्फ एक बार किया जाना चाहिए। ऐसे उत्पादों के अंतर्गत प्लेट, कप एवं ग्लास के साथ प्लास्टिक निर्मित ईयर बड्स, प्लास्टिक के झंडे, गुब्बारों में उपयोग में ली जाने वाली प्लास्टिक डंडियां,100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले प्लास्टिक पीवीसी बैनर, ट्रे , स्ट्रॉ, चाकू, चम्मच, कांटे, आइसक्रीम स्टिक्स आदि शामिल हैं।

Related posts

पूर्वी चंपारण:मोतिहारी के ऐतिहासिक गांधी मैदान में मशाल प्रतियोगिता का हुआ भव्य उद्घाटन।

rktvnews

वाराणसी:भोजपुरिया कैलेंडर पर हुआ विमर्श।

rktvnews

हर वचन होगा पूरा : तेजस्वी यादव

rktvnews

दरभंगा:06 विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न चक्र में होगी मतगणना।

rktvnews

उत्तराखंड:सक्षम ऐप के माध्यम से 1623 ने डोली व 2437 लोगो ने व्हील चेयर का किया अनुरोध:विजय कुमार जोगदंडे

rktvnews

छत्तीसगढ़ : राज्यपाल से केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री चिराग पासवान ने की सौजन्य भेंट

rktvnews

Leave a Comment