
RKTV NEWS/पटना ( बिहार)21 जून।मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित ‘संवाद’ में ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम की समीक्षात्मक बैठक की।
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि शुरू से ही हमारी सरकार ने महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी है। वर्ष 2006 में पंचायती राज संस्थाओं एवं 2007 में नगर निकायों में महिलाओं को 50% आरक्षण, वर्ष 2013 से पुलिस में 35% आरक्षण, एवं 2016 से सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 35% आरक्षण दिया गया। बिहार पुलिस में आज 30,000 से अधिक महिला पुलिसकर्मी कार्यरत हैं, जो देश में सबसे अधिक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2006 में विश्व बैंक से कर्ज लेकर “जीविका” योजना की शुरुआत की गई थी। आज राज्य में 10.63 लाख स्वयं सहायता समूहों से 1.35 करोड़ से अधिक “जीविका दीदियाँ” जुड़ी हुई हैं। शहरी क्षेत्रों में भी 36,000 समूहों के माध्यम से लगभग 3.80 लाख महिलाएँ जुड़ी हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 18 अप्रैल, 2025 से सभी जिलों में ‘महिला संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें आप सभी ने राज्य सरकार के द्वारा महिलाओं के लिए किये गये कार्यों की प्रशंसा की है। आपके महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर राज्य सरकार ने कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिये हैं, जो इस प्रकार हैं:
1. सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि ₹400 से बढ़ाकर ₹1100 प्रतिमाह की जाएगी। यह राशि लाभार्थियों के खातों में प्रत्येक माह की 10 तारीख को भेजी जाएगी।
2. स्वयं सहायता समूहों को ₹3 लाख से अधिक के बैंक ऋण पर अब केवल 7% ब्याज देना होगा। शेष ब्याज राशि राज्य सरकार वहन करेगी।
3. प्रत्येक ग्राम पंचायत में लड़कियों के विवाह हेतु ‘विवाह भवन’ का निर्माण कराया जाएगा, जिसका संचालन जीविका दीदियों द्वारा किया जाएगा।
4. जीविका से जुड़े सभी कर्मियों का मानदेय दोगुना किया जाएगा, जिसकी अतिरिक्त राशि राज्य सरकार देगी।
5. ‘दीदी की रसोई’ का संचालन अब प्रखंड स्तर तक के सरकारी संस्थानों में किया जाएगा।
