दिल्ली में 27 अक्टूबर होगा शाहाबाद के हस्तियों का जुटान।
कलाकार राष्ट्रीय स्तर पर पहली बार दिखाएंगे मिट्टी की झलक।
कला-संस्कृति और खान-पान से राष्ट्र को रूबरू कराना उद्देश्य।
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)15 सितम्बर।शाहाबाद प्रक्षेत्र के ऐतिहासिक सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को सहेजते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जारी अभियान के तहत इस वर्ष शाहाबाद महोत्सव का आयोजन देश की राजधानी दिल्ली में आयोजित करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम आगामी 27 अक्टूबर को संसद भवन के समीप कांस्टीट्यूशन क्लब स्थित मावलंकर भवन में आयोजित होगा। जिसमें कई नामी गिरामी हस्तियां शामिल होंगी।
इस सम्बन्ध में मंगलवार को ब्लॉक रोड स्थित जदयू के वरिष्ठ नेता व जिला विश्वसूश्री कार्यान्वयन समिति के उपाध्यक्ष संजय सिंह के आवास पर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के प्रमुख लोगों की बैठक के बाद समिति के अध्यक्ष अखिलेश कुमार ने कहा कि अपने गौरवशाली विरासत और परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु समिति वर्ष 2019 से व्यापक अभियान शुरू किया है और इसके सकारात्मक परिणाम धरातल पर उतरने भी लगे हैं। इसमें खासकर प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और सोशल मीडिया की प्रशंसनीय भूमिका रही है।उन्होंने बताया कि चकाचौंध और आधुनिकता के दौर में हमारे यहां के अनेक परम्परागत कला विलुप्त होने के कगार पर है, जिसे संरक्षित करना हमारे पीढ़ी की नैतिक जिम्मेदारी बनती है, इसी उद्देश्य से दिल्ली में पहली बार परम्परागत गोड़ नाच, कुडुक नृत्य, शिवनरायणी गीत, धोबिया धोबिनिया के नाच जैसे शाहाबाद प्रक्षेत्र के प्रमुख नृत्य संगीत की प्रस्तुति होगी। साथ हीं अपनी अलग और अनूठी पहचान रखने वाले यहां के प्रमुख खाद्य सामग्री जैसे चेनारी के गुड़ की लड्डू, बक्सर की पापड़ी, कोआथ का बेलग्रामी, बेतरी का चावल का प्रदर्शनी लगाई जाएगी। देश और समाज के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रमुख महापुरुषों तथा ऐतिहासिक व प्राकृतिक सौंदर्य स्थलों का भी तैल्य चित्र प्रदर्शनी भी लगाया जाएगा, ताकि लोग हमारे परम्परागत कला संस्कृति, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत तथा प्राकृतिक सौंदर्य से रुबरु हो सकें। अखिलेश कुमार ने कहा कि समारोह में राजनीतिक, प्रशासनिक, साहित्यिक, कला संस्कृति, चिकित्सा , शिक्षा आदि क्षेत्रों में महती भूमिका निभा रहे लोग उक्त महोत्सव में शामिल होंगे।
इस अवसर संजय सिंह ने कहा कि अपने सभ्यता संस्कृति और गौरवशाली परंपरा को संजोए रखना हम सभी का नैतिक दायित्व बनता है और इसी को केन्द्र में रखकर शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के वैनर तले जो अभियान 2019 में आरंभ किया गया था वह इतिहास रचने लगा है। उन्होंने कहा कि आज़ शाहाबाद के कैमूर की वादियों से लेकर मैदानी क्षेत्र बक्सर जगदीशपुर आरा तक पर्यटन विकास को लेकर जो सकारात्मक परिणाम दिख रहे हैं उसमें शाहाबाद महोत्सव आयोजन समिति के माध्यम से जारी निऱंतरता प्रमुख भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि जब पहली बार इस वर्ष दिल्ली में जब शाहाबाद के कला संस्कृति, धरोहर तथा पर्यटन की अपार क्षमता का झलक दिखेगी तो वह काफी गौरवान्वित महसूस करने वाला पल होगा तथा इसका व्यापक संदेश भी जाएगा।
इस दौरान स्यंदन सुमन, आरुणिश पांडेय, सोहित सिन्हा, डॉ रवि जी, संजीव सिन्हा आदि मौजूद थे।

