बाँसघाट स्थित मुक्तिधाम में हुआ अग्नि-संस्कार, बड़े पुत्र संदीप स्नेह ने दी मुखाग्नि।
RKTV NEWS/पटना(बिहार )29 अगस्त । नवगीत के महान हस्ताक्षर और राज्य-गीत के अमर रचनाकार कवि सत्यनारायण शनिवार की सुबह पंचतत्त्व में विलीन हो गए। सम्पूर्ण राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार बाँसघाट स्थित मुक्तिधाम शवदाह-गृह में संपन्न हुआ। प्रातः ९ बजे उनके बड़े पुत्र संदीप स्नेह ने मुखाग्नि दी।
इसके पूर्व राष्ट्रीय-ध्वज में लिपटा कवि का पार्थिव शरीर शव-वाहन से उतारा गया तो माहौल में एक गर्व-मिश्रित उदासी थी। गंगा की लहरों में एक उद्विग्नता और बेचैनी के साथ कवि को नमन करने की होड़ दिखायी दे रही थी। सशस्त्र सलामी देने के लिए उपस्थित महिला-बल की एक टुकड़ी पहले से तैनात थी। शोक-धुन के साथ सशस्त्र सलामी दी गयी। यह एक बड़े कवि को शासन की ओर से दिया गया योग्य सम्मान था।
बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ अनिल सुलभ, विधान-पार्षद संजय मयूख, पूर्व मंत्री श्याम रजक, कवि के छोटे पुत्र संजय, साहित्यकार रत्नेश्वर, कुमार अनुपम, प्रसिद्ध फ़िल्मकार किरणकांत वर्मा, अभय सिन्हा, इंदु भूषण सिन्हा, संजीव कुमार, नंदन कुमार, रंजन कुमार अमृतनिधि, सुयश, चंद्रभूषण कुमार, सुनील कुमार समेत बड़ी संख्या में साहित्यकार और कवि के परिजनों ने अश्रुपूरित नेत्रों से कवि को अंतिम विदाई दी। बिहार के कृषिमंत्री राम कृपाल यादव ने कवि के आवास पर आकर पुष्पांजलि अर्पित की थी।
इस अवसर पर स्थानीय प्रशासन की ओर से अपर समाहर्ता पटना अपने सहयोगियों के साथ उपस्थित थे ।

