
RKTV NEWS/देवघर (झारखंड)20 जुलाई।मंत्री, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग तथा खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, इरफान अंसारी की अध्यक्षता में राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल, सुगम एवं सुरक्षित संचालन को लेकर स्वास्थ्य विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान श्रावणी मेला में देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं व कांवरियों को निर्बाध एवं 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने तथा महामारी निरोधक उपायों की विस्तृत रूपरेखा की समीक्षा कर संबंधित अधिकारियों व स्वास्थ्य विभाग की टीम को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने जिला प्रशासन द्वारा की गई स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए बताया कि संपूर्ण मेला क्षेत्र में कुल 35 स्वास्थ्य शिविरों का संचालन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इनमें से 32 स्वास्थ्य केंद्र निरंतर 24 घंटे कार्यरत रहेंगे, जहाँ चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाएं एवं एम्बुलेंस की सेवा हर समय उपलब्ध रहेगी। इसके अतिरिक्त श्रद्धालुओं की आवश्यकता को देखते हुए तपोवन, खरगडीहा एवं त्रिकुट पहाड़ स्थित 03 स्वास्थ्य केंद्रों को प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक (12 घंटे) संचालित करने का निर्णय लिया गया है। आगे अस्पतालों में बेड प्रबंधन की जानकारी देते हुए उपायुक्त ने बताया कि अस्थायी मेला अस्पताल (पुराना सदर अस्पताल, देवघर) में 50 बेड तथा नया सदर अस्पताल में 100 बेड पूरी तरह तैयार रखे गए हैं। मेला क्षेत्र के प्रमुख पड़ावों जैसे दुम्मा, बी०एड० कॉलेज, कुमैठा एवं नेहरू पार्क में 10-10 बेड वाले शिविर स्थापित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त आध्यात्मिक भवन, शिवगंगा, नन्दन पहाड़, कोठिया बस स्टैंड, हथगढ़ बस स्टैंड, सुविधा केन्द्र, हिन्दी विद्यापीठ, बाघमारा बस स्टैंड तथा गिधनी में 05-05 बेड युक्त स्वास्थ्य शिविर बनाए गए हैं, जबकि बाबा मंदिर एवं क्यू कॉम्प्लेक्स में 02-02 बेड के त्वरित प्राथमिक चिकित्सा शिविर रहेंगे। संपूर्ण मेला क्षेत्र में त्वरित इलाज हेतु कुल 21 प्राथमिक उपचार केंद्र भी निरंतर सेवा प्रदान करेंगे।
इसके अलावा आपातकालीन स्थिति एवं आपदा प्रबंधन के तहत सदर अस्पताल (नया एवं पुराना) में किसी भी दुर्घटना से निपटने के लिए 50 बेड पूर्ण संसाधनों के साथ आरक्षित रखे गए हैं। साथ ही शहर के प्रमुख निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम संचालकों तथा आई०एम०ए० (IMA) के साथ समन्वय स्थापित कर 100 अतिरिक्त इमरजेंसी बेड बैकअप के रूप में सुनिश्चित किए गए हैं। मौसम को ध्यान में रखते हुए पुराना सदर अस्पताल स्थित Eye Hospital के निचले तल पर डायरिया मरीजों के समुचित इलाज हेतु 20 बेड का विशेष वार्ड तैयार किया गया है। श्रद्धालुओं के त्वरित परिवहन के लिए कुल 41 एम्बुलेंस तैनात की गई हैं, जिनमें सदर अस्पताल की 4 एम्बुलेंस, रूट लाइन में 10 टोटो एम्बुलेंस, 4 चलंत व रिस्पॉन्स टीम एम्बुलेंस तथा विभिन्न शिविरों में तैनात एम्बुलेंस शामिल हैं। साथ ही महामारी निरोध, खाद्य सुरक्षा एवं जन-स्वास्थ्य अभियानों के तहत मेला क्षेत्र में निरंतर स्वच्छता एवं ब्लीचिंग पाउडर व चूने के छिड़काव हेतु 02 विशेष स्वच्छता दल सक्रिय रहेंगे। श्रद्धालुओं को शुद्ध खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने एवं मिलावटखोरी पर रोक लगाने के लिए खाद्य निरीक्षकों के 03 उड़नदस्ता दल तथा घटिया व नकली दवाओं की बिक्री रोकने हेतु 02 औषधि निरीक्षक दल तैनात किए गए हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों से अपने अभिभावकों के साथ आने वाले 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक देने हेतु 21 पल्स पोलियो केंद्र व दल मुस्तैद रहेंगे।
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री इरफान अंसारी ने स्पष्ट कहा, “राजकीय श्रावणी मेला में देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं एवं कांवड़ियों की स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाएगा। राज्य सरकार का यह संकल्प है कि बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले किसी भी श्रद्धालु को स्वास्थ्य संबंधी कोई परेशानी न हो। इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र एवं कांवरिया पथ पर 24 घंटे डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता तथा त्वरित एम्बुलेंस सेवा सुनिश्चित की गई है। स्वास्थ्य विभाग पूरी संवेदनशीलता और मुस्तैदी के साथ बाबा भक्तों की सेवा में समर्पित रहेगा।
इस दौरान उपरोक्त के अलावा देवघर विधायक सुरेश पासवान, पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, निर्देशक प्रमुख, निर्देशक, अपर समाहर्ता, उप निर्देशक, सिविल सर्जन देवघर व दुमका एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी, कार्यपालक अभियंता उपस्थित थे।
