
आरा/भोजपुर(डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)19 जून।भोजपुर के चर्चित पुलिस एनकाउंटर मामले में पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो दारोगा (सब-इंस्पेक्टर) समेत कई पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई एनकाउंटर को लेकर उठे सवालों और प्रारंभिक जांच के बाद की गई बताई जा रही है।एनकाउंटर में घायल युवक भरत तिवारी की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए थे। कई लोगों का आरोप है कि युवक ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद उस पर कई गोलियां चलाई गई। जब कि आत्मसमर्पण करने के पहले वीडियो में साफ-साफ संदेश सुनाई पड़ रहा है । उनकी कोई अपनी मांग या आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था बल्कि जनता की मांगों पर यह मागं रहे थे।सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं।
युवक की मौत के बाद इलाके में भारी आक्रोश देखने को मिला। विरोध स्वरूप ग्रामीणों ने पटना-बक्सर फोरलेन को जाम कर प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं।वहीं माता-पिता दोनों ने मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटे को स्पष्ट तौर पर हत्या बताया है।
भोजपुर के पुलिस अधीक्षक श्री राज के नेतृत्व में मामले की जांच जारी है। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जिले में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं और जन संगठनों के माध्यम से विरोध उठने लगे हैं ।मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग लगातार उठ रही है।
