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भोपाल:सायबर अपराधों पर मध्यप्रदेश पुलिस का कड़ा प्रहार।

फर्जी ट्रेडिंग, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के मामलों में प्रभावी कार्रवाई।

भोपाल/मध्यप्रदेश (मनोज कुमार प्रसाद)09 जनवरी। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा सायबर अपराधों के विरुद्ध निरंतर सतर्कता एवं तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। बीते एक सप्ताह के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में फर्जी ट्रेडिंग एप, डिजिटल अरेस्ट, टेलीग्राम आधारित टास्क फ्रॉड एवं ऑनलाइन निवेश धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए न केवल आरोपियों की गिरफ्तारी की गई, बल्कि आम नागरिकों को बड़ी आर्थिक क्षति से भी बचाया गया है।

भोपाल

सायबर क्राइम में दर्ज एक प्रकरण में “FALCON TRADERS” नामक फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से निवेश के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया गया। जांच के दौरान इंदौर के विजयनगर स्थित स्काई कॉर्पोरेट पार्क में संचालित फर्जी कॉल सेंटर पर कार्रवाई करते हुए 10 युवक एवं 10 युवतियों सहित कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों द्वारा नकली मोबाइल एप्लिकेशन एवं वेबसाइट के माध्यम से प्रारंभिक मुनाफा दिखाकर निवेशकों का विश्वास अर्जित किया जाता था तथा बाद में संपर्क तोड़कर ठगी की जाती थी। मौके से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, बैंकिंग दस्तावेज, एटीएम कार्ड, चेकबुक एवं नगद राशि जप्त की गई।

बुरहानपुर

साइबर सेल द्वारा त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई करते हुए हाई रिटर्न फोरेक्स ट्रेडिंग इंवेस्टमेंट के नाम पर ठगी गई 8लाख 70हजारकी राशि को सुरक्षित रूप से पीड़ित के खाते में वापस कराया। फरियादी द्वारा नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने के तुरंत बाद साइबर सेल टीम ने विभिन्न बैंकों से समन्वय स्थापित कर फ्रॉड की गई राशि को होल्ड कराया।

उज्जैन

जिले में पुलिस की सतर्कता एवं संवेदनशीलता से एक वृद्ध दंपती को “डिजिटल अरेस्ट” के जाल से मुक्त कराया गया। स्वयं को मुंबई पुलिस अधिकारी बताकर गिरफ्तारी का भय दिखाते हुए 3 लाखरूपए की आरटीजीएस कराने का प्रयास किया जा रहा था। बैंक अधिकारियों द्वारा समय पर सूचना दिए जाने पर पुलिस अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर खाताधारक को समझाइश दी और बड़ी आर्थिक ठगी को रोका।

बैतूल

जिले के थाना गंज क्षेत्र में “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर 80 वर्षीय बुजुर्ग से 23 लाख 50 हजार रूपएकी बड़ी साइबर ठगी का गंभीर प्रकरण सामने आया। फरियादी को व्हाट्सएप वीडियो कॉल के माध्यम से स्वयं को दिल्ली पुलिस अधिकारी बताकर भयभीत किया गया तथा मनीलॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप लगाकर खातों की जांच के नाम पर आरटीजीएस के माध्यम से बड़ी राशि ट्रांसफर कराई गई। प्रकरण में थाना गंज पुलिस द्वारा अपराध पंजीबद्ध कर बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच प्रारंभ की गई है।
इन समस्त कार्यवाहियों से स्पष्ट होता है कि मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के बदलते स्वरूप को समझते हुए तकनीक, संवेदनशीलता और समन्वय के माध्यम से प्रभावी नियंत्रण स्थापित कर रही है।

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