RK TV News
खबरें
Breaking Newsधार्मिक

अक्षय तृतीया पर करें रसोई घर व अनाज की पूजा शुभ फलों की होती है प्राप्ति, प्रसन्न होती है मां अन्नपूर्णा।

RKTV NEWS/ज्योतिषाचार्य संतोष पाठक,22 अप्रैल।23 अप्रैल रोहिणी योग में अक्षय तृतीया का पर्व है
इसे सतयुग की प्रारंभ तिथि माना गया है इस दिन दान अवश्य करना चाहिए आज के दिन दान किया गया दान अक्षय फल की प्राप्ति होती है जल कुंभ ( घड़ा) शक्कर पंखा पंचांग ( पतरा) विशेष तौर पर दान करना चाहिये।आज मध्याह चतुर्थी में विनायकी श्री गणेश चतुर्थी व्रत होगा
सनातन संस्कृति में अक्षय तृतीया को काफी शुभ माना जाता है। यह दिन अपने आप में एक अबूझ मुहूर्त है, इस दिन मांगलिक व शुभ कार्य किए जाते हैं। अक्षय तृतीया को आखा तीज के नाम से भी जानते हैं। पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को पड़ती है। इस बार अक्षय तृतीया 23 अप्रैल 2023 रविवार को मनाई जाएगी।
अक्षय तृतीया का महत्व-
अक्षय तृतीया के दिन को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। इस दिन विवाह के साथ वस्त्र, आभूषण, जमीन जायदाद, मकान व वाहन आदि की खरीदारी करना शुभ माना जाता है।
इस दिन धार्मिक कार्य शुभ फलदायी माने जाते हैं। मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन दान करने से सुख-संपत्ति में बढ़ोतरी होती है।
अक्षय तृतीया के दिन जप- तप पूजा-पाठ का भी विशेष महत्व है। इस दिन किए हुए जप-तप, व्रत, उपासना पूजा-पाठ, दान इत्यादि के अक्षय फल प्राप्त होते हैं।
इस दिन से आप किसी पूजा- पाठ, उपासना, मंत्र जप व दान इत्यादि की शुरुआत कर सकते हैं।
क्यों मनाई जाती है अक्षय तृतीया-
अक्षय तृतीया को मनाने के पीछे कई पौराणिक मान्यता है, इस परम पावन तिथि से काफी धार्मिक श्रेष्ठ संयोग जुड़े हुए हैं जैसे-
पौराणिक कथा के अनुसार, इस दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम का जन्म हुआ था। यही कारण है कि इस दिन को अक्षय तृतीया के रूप में मनाया जाता है। इस दिन परशुराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाता है।
मान्यता है कि इस दिन भागीरथ की कठोर तपस्या से प्रसन्न होकर मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थीं।
एक मान्यता यह भी है कि इस दिन मां अन्नपूर्णा का जन्म हुआ। इसलिए कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन रसोई घर व अनाज की पूजा जरूर करनी चाहिए।
कहा जाता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही महर्षि वेदव्यास ने महाभारत लिखना शुरू किया था। इस ग्रंथ में श्री भगवत गीता भी समाहित है। इसलिए इस दिन श्री भगवत गीता के 18वें अध्याय का पाठ अवश्य करना चाहिए।मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही नर-नारायण ने भी अवतार लिया था। इसलिए इस दिन को शुभ माना जाता है।इसी दिन साल में केवल एक बार वृंदावन के श्री बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं।इस तिथि को भगवान श्री विष्णु जी के हयग्रीव अवतार हुए थे।

त्रेता युग का प्रारंभ इस तिथि को हुआ था।
आज ही के दिन श्री बद्री केदारनाथ की तीर्थ यात्रा प्रारंभ की जाती है आज के दिन किसी भी प्रकार की संपत्ति का संचय किया जाना शुभ फल कारी माना गया है।

Related posts

एआईआईए-आईसीएआईएनई ने एमएसएमई हैकाथन 5.0 में अपने अभूतपूर्व विचार के चयन के साथ उत्कृष्टता कायम की।

rktvnews

दरभंगा:23 सितंबर से 28 सितंबर 2024 तक बिहार राज्य विद्यालय बालिका हैंडबॉल( अंडर- 14,17 ,19 )प्रतियोगिता 2024-25 का होगा आयोजन।

rktvnews

भोजपुर: जिलाधिकारी ने कसाप गांव में किया अगहनी धान फसल कटनी प्रयोग का निरीक्षण

rktvnews

बिहार:भोजपुर:प्रकृति संरक्षण का सुंदर उदाहरण है महापर्व छठ : शशि मिश्र

rktvnews

गढवा:एसपीडी कॉलेज का NCC Cadet विशेष शिविर सड़क सुरक्षा पर कार्यक्रम आयोजित, NCC Cadet को किया गया जागरुक।

rktvnews

विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर लिया गया शपथ।

rktvnews

Leave a Comment