
RKTV NEWS/आरा ( भोजपुर)21 फ़रवरी। स्थानीय जेपी प्रतिमा के समीप आज भोजपुरी भाषा आठवीं अनुसूची में कैसे शामिल हो सकें को लेकर भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले अपनी आठ सूत्री मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना दिया गया। धरना की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार नंद जी दुबे एवं संचालन पत्रकार नरेंद्र सिंह और धन्यवाद ज्ञापित अधिवक्ता देवी दयाल राम ने की।
धरना को संबोधित करते हुए वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के भोजपुरी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ नीरज सिंह,अयोध्या प्रसाद उपाध्याय,प्रो बलिराज ठाकुर, छापरा से आए डॉ हरेंद्र सिंह, प्रगतिशील भोजपुरी समाज वाराणसी के डॉ जनार्दन सिंह, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वर्तमान भोजपुरी विभाग अध्यक्ष डॉ दिवाकर पांडे,सीनियर सिटीजन के केंद्रीय अध्यक्ष धीरेंद्र प्रसाद सिंह, जेपी सेनानी सुशील तिवारी, डॉ जया जैन आदि ने भोजपुरी भाषा को अब तक आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किए जाने पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि भोजपुरी का व्याकरण शब्दकोश भारत के ही नहीं अंग्रेजों के जमाने में अंग्रेजों द्वारा बनाया गया था।जिसकी कई किताबें बाजार में उपलब्ध हैं।भौगोलिक दृष्टिकोण और आबादी के हिसाब से भोजपुरी समाज देश के कोने कोने में विद्यमान है।संख्या बल जहां हमारी लगभग 25 करोड़ है वहीं मतदाता के रूप में भोजपुरिया समाज लगभग 5 करोड़ है।इसके बाद भी इस समाज को उपेक्षित किया जा रहा है।सरकारी रवैए और जनप्रतिनिधियों की उपेक्षापूर्ण नीति तथा टुकड़े टुकड़े गैंग में विभक्त रहने के कारण आज यह स्थिति भोजपुरी भाषा की बनी है साथ ही भोजपुरी के नाम पर चल रही अश्लील गायिकी भी जिम्मेवार है।
वक्ताओं ने कहा कि राजनीतिक दल हमे और हमारे समाज को सिर्फ वोट बैंक समझकर इस्तेमाल कर रहे हैं।जिससे समाज को होशियार रहना होगा। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि आज विश्व मातृ भाषा दिवस पर भोजपुरी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले जो आयोजन हुआ है वो सराहनीय ही नहीं बल्कि भोजपुरी भाषा के लिए जनांदोलन चलाने का शंखनाद है जो वीर बांकुड़ा बाबू कुंवर सिंह की धरती से हुआ है।कई वक्ताओं ने जहां जहां भोजपुरी भाषा को सम्मान मिल रहा है की प्रशंसा भी की पर सवाल उठाया कि जब डोंगरी,मैथिली व अन्य 22 भाषाएं अष्टम अनुसूची में शामिल है तो भोजपुरी निरीह क्यों?आवश्यकता है कि दल बल व विचार धाराओं से अलग हटकर सिर्फ भोजपुरी भाषा को लेकर एक सशक्त जन आंदोलन चलाया जाए।
धरना की शुरुआत बस पड़ाव स्तिथ भिखारी ठाकुर की और जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर माल्यार्पण के पश्चात शुरू हुआ।मोर्चा के आठ सूत्री मांगों का पत्र भोजपुर जिलाधिकारी के द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री को भेजा गया।धरना प्रदर्शन के दौरान भोजपुरी भाषा पर केंद्रित गीत व्यास कमलेश पासवान,धनजी पांडे एवं कवितापाठ जनार्दन मिश्र ने प्रस्तुत किया।अन्य वक्ताओं में राष्ट्रपति पुरस्कार सम्मानित सेवानिवृत शिक्षक डॉ योगेंद्र सिंह ,आनंद मोहन सिन्हा,कायस्थ क्रांतिकारी मंच के जिला अध्यक्ष मणि भूषण श्रीवास्तव,कवियत्री डॉ किरण कुमारी,वरिष्ठ रंगकर्मी कृष्णेंदु, डॉ रेणु मिश्रा,मधु मिश्रा, जितेंद्र पासवान,अधिवक्ता डी राजन,एंटी करप्शन के जिला अध्यक्ष संजय सिंह,कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष उमेश कुमार सुमन आदि शामिल थे।
