
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)12 फ़रवरी।बड़हरा प्रखंड अंतर्गत पंडित पुर ग्राम में गांव-गंवइ भोजपुरी चौपाल बसंत बहार सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजन बड़ी धूमधाम से हुआ। इस आयोजन में भोजपुरी कलाकार अपनी परंपरागत विरासत गीत गवनई का शानदार प्रस्तुति हुआ। इसमें दर्जनभर कलाकार उपस्थित रहे।कार्यक्रम राजकिशोर पांडेय के देख-रेख में बड़े ही सौहार्दपूर्ण रूप में रात आठ बजे से चार बजे भोर तक चलता रहा। संचालन करते हुए गीतकार एवं कहानीकार कुमार अजय सिंह ने भोजपुरी भाषा के प्रति समर्पित भाव को प्रदर्शित करते हुए कहा कि भोजपुरी गीत-गाना के अलावे हमारे विचार और विरासत के मुख्य धारा में है।
कार्यक्रम में सबसे पहले स्वागत एवं अभिनन्दन के बाद लहरा का क्रम चला जिसमें हारमोनियम पर शास्त्रीय गायक सर्वेश्वर उपाध्याय और झारखंड टाटा से चलकर आए संगीत के प्रोफेसर जीतेश सहाय ने संगत किया उसके तुरंत बाद उसी कड़ी में संगीत शिक्षक तबला वादक देवेश दूबे ने तीन ताल सोलह मात्रा पर संगत किया। तत्पश्चात सर्वेश्वर उपाध्याय ने ठुमरी गीत “नदिया बैरी भइल मोरा संइया बोलावे आधी रात” का स्वरांचन किया,उसके बाद गायक झकड़ तिवारी ने ” निर्धन के धन राम कन्हैया जी ” गीत गाकर श्रोताओं को झुमाए रखे,आगे बढ़ते क्रम में गायक नंदजी चन्द्रवंशी ने ” बहे पूरवइया ननदिया देही में दरदिया होला ए राम ” पूर्वी गीत और ” नाहीं अइले हनुमान होली गीत ” प्रस्तुत किया, गायक राजकिशोर पांडेय ने ” ननदिया मोरी रे सुसकत पनीया के जाए ” पूर्वी गीत को बहुत सुंदर तरीके से परोसकर समा को बांधे रखे। उसके बाद लगातार बसंत बहार के रंग में कार्यक्रम मुखातिब होकर होली एवं फगुआ ” सांवरीया ना माने रे अंखियों में डाले अबीर ” जैसे गीतो में सराबोर होकर डुबकी लगाते रहे। रात दो बजे के बाद निर्गुण का दौर चला उसके बाद ” जगावे भोरे योगिया ” भैरवी के तान पर साज-बाज आवाज का ऐसा जादू चला कि महफिल का नजारा संगीन और रंगीन के साथ हसिन बन गया। भाग लेने वाले कलाकारों एवं आगंतुक लोगो में जोड़ी वादक विष्णु पांडेय ढ़ोलक वादक दिनबंधु सिंह मनोज सिंह सहित सिंह सिक्योरिटी सर्विस उमरगांव गुजरात के निदेशक सूर्यदेव सिंह और युवा नेता सुजीत सिंह रमेश पाण्डेय मनोरंजन तिवारी इन्द्रमणि सिंह अंकित थे। आए हुए कलाकार तथा अतिथियों के स्वागत एवं भोजन में लिटी चोखा सलाद शुद्ध पेड़ा और चाय चलते रहा।
