
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 जनवरी।कृषि विज्ञान केंद्र भोजपुर आरा के मुख्य सभागार में मधुमक्खी पालन हेतु प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। यह आयोजन बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत किया गया है जो 10 दिनों तक चलेगा। कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर शोभा रानी ,डॉ शशि भूषण सिंह ,डॉक्टर सच्चिदानंद सिंह ,डॉक्टर सुप्रिया वर्मा द्वारा सामूहिक दीप प्रज्वलन से हुआ।
तत्पश्चात प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर शोभा रानी ने कहा कि सरकार अनेक लाभकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए कृत्य संकल्पित है। जिसमें मधुमक्खी पालन भी एक महत्वपूर्ण लाभकारी और बेरोजगार युवाओं का भविष्य बनाने के लिए बढ़िया योजना है। जिसके माध्यम से युवा निशुल्क ट्रेनिंग प्राप्त कर कंपनियों में नौकरी या फिर स्वरोजगार कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण में 30 बेरोजगार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। समापन पर इन्हें प्रमाण पत्र और व्यवसाय के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी। यह प्रशिक्षण प्राप्त युवा जिला उद्यान पदाधिकारी से आवेदन देकर मधुमक्खी सहित बॉक्स अनुदान के रूप में प्राप्त कर सकते हैं और इससे अपना व्यवसाय और भविष्य उज्ज्वल बना सकते हैं।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र के ही वैज्ञानिक एवं प्रशिक्षक डा शशि भूषण कुमार शशि ने बताया की
मधुमक्खी पालन एक ऐसा व्यवसाय है जिसके तहत न्यूनतम पूंजी में एक बड़ा व्यापारिक केन्द्र स्थापित कर सकते हैं तथा कृषि के अतिरिक्त आमदनी प्राप्त कर सकते हैं। अपने परिवार का भरण पोषण एवं आर्थिक समृद्धि पा सकते हैं ।इस कार्यक्रम के माध्यम से फसल की उत्पादकता भी 15 से 20% बढ़ जाती है। इसके अन्य उत्पादों का व्यवसाय करने से आपको अतिरिक्त और अधिक लाभ मिल सकता है । इन्होंने कहा कि इस व्यवसाय की बारीकियां को समझकर आप आर्थिक समृद्धि प्राप्त कर सकते हैं।जहां तक मेरा मानना है कि आप अगर सामूहिक रूप से या एक ग्रुप बनाकर अगर इस व्यवसाय को अपनाते हैं तो आपके साथ दूसरे सदस्य भी अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकते हैं।प्रशिक्षण में 30 प्रतिभागी का चयन जिले के विभिन्न प्रखंडों से किया गया है।
