नव वर्ष का संदेश!
नव वर्ष
धरा पर उतर
मानव को
यही संदेश देता कि
धरा पर फैला हरियाली
समीर सलिल स्वच्छ रख
जियो निरोग तुम जीवन ।
किसी से वर्गभेद न कर
मेल रखो हर से तुम
छल कपट द्वेष तज
हर को सुखी बनाओ तुम।
मत यहाँ कोई रण ठान
रक्त नद बहाओ तुम
मत विनाशक चीजों का निर्माण कर
विपुल जनसंहार करो तुम।
हे मानव!
यदि चाहते हो
कि धरा पर न हो दुर्भिक्ष कहीं
न हो जलप्लावन कहीं
तो प्रकृति से रखो मधुर संबंध
मत करो कभी इसे तंग।
वृक्ष होते धरती की संतान
मत हत्या कर इनकी
विपदा में डालो निज को तुम।


