
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)25 दिसंबर।स्थानीय जय प्रकाश नारायण स्मारक परिसर के लोकनायक मुक्त कला मंच पर आयोजित लोक कार्यक्रम ‘संगम’ में भोजपुरी व शास्त्रीय शैली के समागम को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए ।
इस कार्यक्रम में साहित्यकार स्व. रंजीत बहादुर माथुर, संगीतकार स्व. अरुण सहाय व राजनीतिक चिंतक स्व. कृष्णा जी को संयुक्त श्रद्धांजलि दी गई । इस कार्यक्रम का उद्घाटन वरिष्ठ साहित्यकार सह हिंदी के प्रोफेसर डॉ. नीरज सिंह, वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रोफेसर डॉ. रणविजय कुमार, हिंदी एवं भोजपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. दिवाकर पांडेय, समाज सेवक रंगकर्मी अशोक मानव, शास्त्रीय गायिका विदुषी बिमला देवी व पत्रकार आशुतोष पांडेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया ।
इस अवसर पर डॉ. नीरज सिंह ने कहा की स्व. रंजीत बहादुर माथुर, स्व. कृष्णा जी व स्व. अरुण सहाय आरा के साहित्य व संगीत समाज की त्रिवेणी के समान थे।वही कुलसचिव डॉ. रणविजय कुमार मे कहा कि विलुप्त होती लोक परंपरा समाज की आत्मा है जिसके भावी पीढी को अवगत करवाना आवश्यक है। डॉ. दिवाकर पांडेय ने कहा कि त् गीत संगीत में आज भी ठेठ भोजपुरी गीत संगीत में अजर अमर है आवश्यकता है पुरानी रचनाओं के प्रदर्शन का जिसमें आनंद की सरिता प्रवाहित होती है ।
इस अवसर पर शहर की सांगीतिक संस्था शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एंड म्युजिक की छात्राओ में वंदना, चंदा, लक्ष्मी व सागर ने मंगलाचरण में मां गंगा का गीत ” गंगा मैया मनोरथ पूरी करिहैं हमार” प्रस्तुत किया । विदुषी विमला देवी ने भोजपुरी रचना “देशी बोल बिदेशी जनी बोल राजा” व सीताराम के पुष्प वाटिका प्रसंग पर आधारित गायन प्रस्तुत कर समां बाँधा। वही युवा गायक अजित पांडेय ने “चांद बदरा में”छुप के लज़ाई गईले” व “दिल चुरावे ना आवेला उनका गुल खिलावे ना आवेला उनका” प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।श्रेया पांडेय ने “हमरी गउवा के टेढ़की डागरिया मड़ैया प काग बोलेला” व “गोरी काहे तोर पायलिया छनक जाला” प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी ।
अमित कुमार ने चारो दुल्हा में बड़का कमाल सखिया प्रस्तुत किया । कथक नृत्यांगना आदित्या श्रीवास्तव के निर्देशन में गुरु बक्शी विकास, कथक नर्तक अमित कुमार हर्षिता विक्रम, स्नेहा पांडेय, अमृता, अंजलि, विनीता व राका ने भिखारी ठाकुर रचित बिदेशिया का शास्त्रीय मंचन किया । मुख्य पात्र प्यारी सुंदरी की भूमिका में आदित्या का भाव अभिनय शानदार रहा। इस कार्यक्रम में तबला पर सूरज कांत पांडेय, रोहित श्रीवास्तव, ढोलक पर रामकिशोर मिश्रा व बैंजो पर पवन कुमार ने संगति से रंग भरा । मंच संचालन राजा कुमार व धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक मानव ने किया ।


