
RKTV NEWS/नई दिल्ली 28 नवंबर।नई दूरसंचार नीति 1999 में सरकार ने सार्वभौमिक सेवा दायित्व (यूएसओ) के अंतर्गत सभी लोगों को सस्ती और उचित कीमतों पर बुनियादी दूरसंचार सेवाएं प्रदान करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की थी। डिजिटल भारत निधि (पूर्व में यूएसओएफ) की स्थापना भारतीय टेलीग्राफ (संशोधन) अधिनियम, 2003 के तहत 01 अप्रैल, 2002 से की गई थी। दूरसंचार अधिनियम, 2023 के अनुसार सार्वभौमिक सेवा दायित्व निधि, डिजिटल भारत निधि (डीबीएन) बन गई है। इसके तहत दूरदराज और शहरी क्षेत्रों में दूरसंचार सेवा की पहुंच और वितरण को बढ़ावा दिया जाता है।
वर्तमान में, लाइसेंस समझौते के अनुसार, लाइसेंस शुल्क समायोजित सकल राजस्व (एजीआर) पर आधारित है जिसमें यूएसओ शुल्क शामिल है। दूरसंचार सेवा प्रदाता लाइसेंस समझौते के अनुसार लाइसेंस शुल्क जमा कर रहे हैं।
पिछले पांच वित्त वर्षों (2019-20 से 2023-24) के दौरान कुल 5,262 टावर लगाए गए और 8,311 करोड़ रुपए खर्च किए गए, जिसमें उत्तर प्रदेश के लिए 144 करोड़ रुपए शामिल हैं। इस अवधि के दौरान यूएसओ फंड से राज्यों तथा केंद्र शासित प्रदेशों में खर्च की गई धनराशि का विवरण यूएसओएफ की वेबसाइट (https://usof.gov.in) पर उपलब्ध है।
यह जानकारी संचार राज्य मंत्री डॉ. पेम्मासनी चंद्रशेखर ने आज राज्य सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
