
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)19 नवंबर।शहर के लोग प्रतिदिन घंटे जाम में फंसकर अपना समय,पेट्रोल और काम की बर्बादी का नजारा स्वयं अपनी आंखों से देखते रहते हैं। यातायात पुलिस चौक चौराहे पर रहती है लेकिन विवस और लाचार दिखती है। अपने काम और जल्दी गंतव्य तक पहुंचाने के लिए लोग केवल अपना फायदा देखते हैं ।ताकि जल्द से जल्द हम पहुंच जाए जिसका परिणाम होता है कि सभी लोग फंसकर केवल दूसरे को भला बुरा सुनने में लगे रहते हैं। छठ पर्व के बाद स्कूल कॉलेज खुलने से परीक्षा होने से निश्चित रूप से शहर में गाड़ियों का आगमन, जनसंख्या का दबाव बढ़ जाता है ।एक और भी समस्या है, जहां अपने व्यवसाय के लिए फुटपाथ पर और दुकान के सामने भी दुकान लगा दी जाती है जिससे आने-जाने में आम आदमी को भी बहुत परेशानी झेलनी पड़ती है।जिसे पुलिस प्रशासन की लापरवाही कहें या नगर निगम की। शहर का बड़ी चौक गोपाली चौक शिवगंज मोड ,बड़ी मठिया, महावीर टोला, स्टेशन रोड ,पकड़ी ,कतीरा , स्टेशन रोड सभी रोड पर जाम ही देखने को मिलता है। आपातकालीन मरीजों की सेवा का एंबुलेंस भी इसी चपेट में फस जाता है। मोटरसाइकिल ऑटो रिक्शा की बढ़ती भीड़ ने सबको परेशान कर रखा है। स्थानीय लोगों और दुकानदारों की व्यथा को कोई सुनने वाला नहीं है। मरिजो के अभिभावकों की व्यथा भी भीड़भाड़ कोलाहल में चुप हो जाती है। जरूरत है यातायात पुलिस और जिला प्रशासन रोड का नंबर, एरिया सुरक्षित कर वन वे की स्थाई व्यवस्था सुनिश्चित हो। बायपास रोड को भी भीड़ को नियंत्रित करने में रखा जाए। इससे जाम से कब मुक्ति मिलेगी या सबके लिए चिंतनीय प्रश्न है।
