
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)06 नवंबर। मंगलवार को आरा के मंडल कारागृह में आर्ट ऑफ लिविंग संस्था द्वारा विगत आठ दिनों से चल रहे योग प्राणायाम ध्यान शिविर का समापन हुआ।इस मौके पर जेल उपाधीक्षक शबनम प्रिया और आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक अमरेंद्र नारायण और स्वयं प्रकाश उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम पिछले 8 दिनों से मंडल कारा में संचालित किया जा रहा था ।शिविर में कैदियों को योग और प्राणायाम के माध्यम से तनाव मुक्त जीवन जीने की कला सिखाई गई एवं सुदर्शन क्रिया का अभ्यास भी कराया गया ।सुदर्शन क्रिया के अनेकों फ़ायदे योग ,ध्यान, ज्ञान के साथ-साथ एक विशेष सूक्ष्म क्रिया सुदर्शन क्रिया सिखाई गई। इसको करने मात्र से व्यक्ति तनाव, अवसाद, हार्मोनल संतुलन , नींद में सुधार,एलर्जी में राहत, शरीर में ऊर्जा के स्तर का बढ़ना ,इम्यूनिटी एवं दिमाग की क्रियाशीलता बढ़ाना, फेफड़ों कि कार्यक्षमता में सुधार व हृदय को मजबूत बनाने में मदद करता है। शिविर में उपस्थित बंदियों ने कारा अधीक्षक से आग्रह किया कि इस तरह का कार्यक्रम से हम लोगों को बहुत मानसिक शांति मिलती है। अतः यह कार्यक्रम कारा में बार-बार करवाया जाए साथ ही आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षकों ने आश्वासन दिया कि उनके तनाव मुक्ति के लिए वे लोग बार-बार कारावास में कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।हर रविवार को थोड़े-थोड़े समय के लिए भी जरूरत पड़ने पर उपस्थित हो पाएंगे।पहले भी मंडल कारा में योग एवं ध्यान के लग चुके हैं कई शिविर।
शिविर में आर्ट ऑफ लिविंग के योग शिक्षक स्वयं प्रकाश एवं अमरेंद्र नारायण भारत ने बताया कि बंदियों को उत्तम शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ के लिए आगे भी शिविर लगाए जाएंगे ।
