
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)18 अक्टूबर । मुक्केबाजी में भोजपुर का दमदार प्रदर्शन और परिणाम ने सबको सोचने पर विवश कर दिया है की प्रतिभा केवल शहरों में ही नहीं बल्कि दूर दराज के दियारा गरीब परिवारों में भी है।ये कारनामा दियरा क्षेत्रों से आने वाले सरकारी स्कूलों के गरीब परिवारों के बच्चों ने कर दिखाया है। मुक्केबाज रमेश यादव ने बताया कि मुक्काबाजी में 27 बालक बालिकाओं का चयन किया गया था।जिसमें -19खिलाड़ियों ने मेडल जीता और पांच खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर चयनित हुए हैं।एक समय था जब उनके पैरों में जूते और खेलने के लिए खेल सामग्री नहीं हुआ करती थी। लेकिन दो वर्षों से उत्क्रमित मध्य विद्यालय अलेखिटोला के रमेश यादव राष्ट्रीय मुक्केबाज,शारीरिक शिक्षक अनुदेशक ने निःशुल्क ट्रेनिंग देकर उनको राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचा दिये है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक श्री रविन्द्र शंकरण सर भी उन बच्चों की प्रतिभा पर मेहरबान हैं।उनको सम्मानित कर उनके लिए लाखों रुपए की खेल सामग्री और रिंग बनवाने और एकलव्य आवासीय छात्रावास खोलने का बड़ा तोहफा दे दिए हैं। बहुत जल्द बड़हरा में बच्चों के बीच भी आने वाले हैं। यही है प्रतिभा मेहनत और लगन का कमाल।बड़हरा क्षेत्र के लोग शंकरण सर के कार्यों की सराहना कर रहे हैं।जिससे क्षेत्र के लोगों में खेल के प्रति झुकाव बढ़ा है।लोग लड़कियों को अब मुक्केबाजी सिखाने के लिए लालायित हैं।जिससे दियरा क्षेत्रों से आने वाली प्रतिभाओं निखरने का मौका मिलेगा। उनके इस तोहफे से मुक्केबाजी प्रशिक्षक रमेश यादव ने भावुक होकर बताया कि रविन्द्र शंकरण सर बिहार में खेल को बढ़ावा देने के लिए जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। आने वाले समय में बिहार 2028ओलम्पिक में मेडल जरूर जितेगा। बच्चों और बच्चियों की सफलता से क्षेत्र के लोगों और शिक्षकों में हर्षोल्लास है।इस मौके पर भोजपुर सचिव रवि रंजन सिंह,अमरेन्द्र कुमार प्रभारी उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय पैगा, दिनेश नंदन,जितेन्द्र कुमार,मंजू सिंह, जयराम शाह, रामावती देवी अमरजीत यादव,वंशनरायन, सतेंद्र पासवान,संजीत,जिला परिषद रामशुभग , मुखिया रितेश सिंह,मुखिया परमा यादव, दयानिधि,निति त्रिपाठी आदि लोगों ने शुभकामनाएं दी।
