
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)08 अक्टूबर। 07 अक्टूबर को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय आरा के हिंदी विभाग द्वारा विजय देवनारायण साही के जन्मशती पर उनकी कविताओं के पाठ का आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने बढ़- चढ़ कर भाग लिया। हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. प्रीति कुमारी ने मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षक व छात्राओं का स्वागत किया। कार्यक्रम में सभी विभागों की छात्राओं ने सहभागिता की। काव्य-पाठ करने वाली छात्राओं में अंजलि, जागृति, खुशी, जूही, प्राची प्रिया, अदिति, श्रुति, श्वेता, सुनिधि,सिमरन आदि ने भाग लिया। प्रार्थना गुरु कबीरदास के लिए, खोल दिया पिंजरा, अब, अकेले पेड़ों का तुफान लिए, परीक्षा की घड़ी, यहां वर्षों रहेंगे, संदर्भ हीन बारिश, कहां तक जाओगे,ताकि बाद में दु:आ न हो आदि कविताओं का काव्य पाठ किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. मीना कुमारी ने इस कार्यक्रम के लिए हिंदी विभाग को धन्यवाद दिया और विजय देवनारायण साही के जीवन और साहित्यिक योगदान को रेखांकित किया ।उन्होंने हिंदी विभाग द्वारा साही जी के जन्मशती समारोह को मनाने की सराहना की । हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा निकेतन रंजनी ने साही जी के कवि रूप पर चर्चा की और उनके कवि रूप को कविताओं के माध्यम से पुष्ट किया। हिंदी विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. अंजू कुमारी ने साही जी के मजदूर आन्दोलन और बुनकर स्त्री के हक में उनके द्वारा लड़ी गई लड़ाई में उनकी भूमिका को याद दिलाया। हिंदी विभाग की डॉ. प्रीति कुमारी ने उनके आलोचना कर्म पर विस्तार पूर्वक बात की जिसमें बताया कि जायसी को कवि रूप में स्थापित करने का श्रेय साही जी को ही जाता है। कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सहायक प्राचार्य , डॉ. राखी सिन्हा , डॉ . मनोज कुमार, डॉ अमरेश, डॉ पूनम ,डॉ जुगल कुमार , डॉ शुमैला, डॉ आशा, डॉ. शिवस्वरूप, डॉ शिखा, डॉ निवेदिता, डॉ विभाग, डॉ सुधा सिंह आदि उपस्थित रहे । कार्यक्रम के अंत में हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. सुधा निकेतन रंजनी ने सभी का धन्यवाद ज्ञापन किया।
