
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)01 अक्टूबर।30 सितंबर को अधिवक्ता संघर्ष समिति के बैनर तले नौ सूत्रीय मांगों को लेकर एक दिवसीय विशाल धरना का आयोजन संयोजक कुमुद पटेल के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
अधिवक्ता कुमुद पटेल और उनकी टीम के द्वारा विगत कई दिनों से पुरे शाहाबाद के सभी न्यायालयों में जाकर सभी अधिवक्तागण को अपने अधिकार की लड़ाई के लिए एकजुट होने का आवाह्न किया जा रहा था। जिसमें अधिवक्ता प्रोटेक्शन बिल, सहित नौ सूत्रीय मांगों के प्रति जागरूक किया जा रहा था। जिसके फलस्वरूप पूरे शाहाबाद समेत अन्य जिलों के विद्वान अधिवक्तागण क्रांति का उद्घोष करते हुए आरा के जे पी स्मारक के समक्ष एकजुट हो कर अपने हक और अधिकार की लड़ाई को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। नौ सूत्री मांगों में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करना,नए अधिवक्ताओं को आरंभ के 5 वर्षों तक ₹दस हजार प्रति माह स्टाइपेंड देना,न्याय मित्रों का वेतन बढ़ाना,65 वर्ष की उम्र के बाद ₹ पन्द्रह हजार पेंशन देने,अधिवक्ता को हेल्थ इंश्योरेंस ,बार में बैठने की व्यवस्था, टोल टैक्स माफ करना,ऑफिस एवं लाइब्रेरी हेतु रियायती लोन, एवं सबको ग्रुप इंश्योरेंस से जोड़ा जाए I
संयोजक कुमुद पटेल ने कहा कि पूरे देश और समाज को न्याय दिलाने वाले विद्वान अधिवक्तागण आज खुद अन्याय के शिकार हो रहे हैं, सरकार की उदासीनता और उपेक्षा के कारण कई बुनियादी सुविधाओं के अभाव का दंस झेल रहे हैं। एक तरफ हरियाणा की सरकार हो राजस्थान की या फिर झारखंड की सरकार हो अधिवक्ताओं के हित में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए जा रहे हैं, जबकि दुसरी तरफ हमारी बिहार सरकार कानो में तेल डालकर अधिवक्ताओं को अपने हाल पर छोड़ दिया।संचालन अधिवक्ता आशुतोष पाण्डेय ने एवं धन्यवाद ज्ञापन अधिवक्ता देवेन्द्र प्रसाद ने किया। संबोधित करने वाले वरीय अधिवक्ता दाऊजी पांडेय जी, वरिष्ठ अधिवक्ता देवेन्द्र जी, उपेन्द्र कुमार, राजू यादव, अरसद जफर जी, अधिवक्ता संध्या कुमारी , सरिता कुमारी, सूरज शर्मा, हरेंद्र गुप्ता, डॉ अशोक कुमार तिवारी, राजीव रंजन उपाध्याय समेत सैकड़ों अधिवक्ता शामिल रहे।
