
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)10 सितंबर।लोक चेतना मंच के तत्वावधान मे भारतेन्दु हरिश्चंद्र जयंती समारोह का आयोजन प्रो बलिराज ठाकुर की अध्यक्षता में हुई।
युग निर्माता भारतेन्दु हरिश्चंद्र आधुनिक हिंदी के जनक माने जाते हैं।हिंदी में गद्य लेखन का सूत्रपात भी उन्ही के हाथों हुआ।सबसे बड़ा कार्य हिंदी साहित्य में राष्ट्रीयता का संचार करना था। यह बातें भोजपुर जिला हिंदी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष प्रो बलिराज ठाकुर ने अध्यक्षीय भाषण में कहीं।
भोजपुरी विभागाध्यक्ष प्रो दिवाकर पांडेय ने कहा कि भारतेन्दु जी जनता के कवि हैं। उन्होंने हिंदी के नाटकों का जन्मदाता बताते हुए कहा कि वे हिंदी रंगमंच के संस्थापक भी थे।
डॉ सत्यनारायण उपाध्याय ने कहा कि वे हिंदी की उन्नति के लिए रंगमंच पर आने से हिचकिचाते नहीं थे।समाजसेवी शिवदास सिंह ने कहा कि पत्र-कला के क्षेत्र में ‘हरिश्चंद्र मैगजीन’ का बड़ा महत्व है। वे एक महान द्रष्टा भी थे। डॉ ममता मिश्र, शशिकांत तिवारी, मधु मिश्र, वशिष्ट मुनि चौधरी, रंगजी सिंह, राजेशचंद्र पाठक, पिंटू सिंह, राकेश तिवारी, मधेश्वर पांडेय, नर्मदेश्वर उपाध्याय, डॉ बबन सिंह ने भारतेन्दु जी को दूरदर्शी विचारक बताया।
डॉ अयोध्या प्रसाद उपाध्याय और कवि जनार्दन मिश्र ने संयुक्त रूप से मंच संचालन किया। धन्यवाद ज्ञापन बबन सिंह ने किया।
