
आरा/भोजपुर (डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)13 अगस्त।महाराजा कॉलेज आरा के स्नातकोत्तर हिंदी विभाग द्वारा तुलसी जयंती के शुभ अवसर पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शिक्षक कर्मी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य प्रो ओम प्रकाश राय ने कहा की संत तुलसीदास मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की चरित्र चित्रण ऐसे सरल और काव्यमय शब्दों में की है जो अनपढ के लिए सुग्राह्य तों विद्वानों के लिए दोहा चौपाई का अर्थ लगाना उनकी योग्यता का परिचायक है। तुलसीदास की निस्वार्थ भाव से प्रभु का गुणगान किए लेकिन इसमें जो संदेश समाज को दिया है वह पूरे विश्व के लिए आचार-संहिता है, समाज की मार्ग दर्शिका है। निस्संदेह रचनाएं कालजई है।
मुख्य वक्ता भोजपुरी विभाग के विभागाध्यक्ष एवं हिंदी के विद्वान दिवाकर पांडेय ने कहा कि तुलसी लोक मंगल के कवि हैं। विभागाध्यक्षा डॉ कुमारी चम्पा ने कहा कि तुलसी का समन्वय जीवन में नई चेतना भरता है। अर्थशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्षा प्रोफेसर संध्या रानी ने कहा कि तुलसीदास ने गरीबी में जीवन बिताते हुए उच्च कोटि की रचनाएं की । हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ सुशील कुमार ने कहा कि तुलसी जन – जन के मन के कवि हैं ।जंतु विज्ञान की शिक्षिका प्रोफेसर सुनीता कुमारी शर्मा ने धन्यवाद ज्ञापन किया।इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। मंच संचालन का कार्य भार विभाग की शिक्षिका डॉक्टर शुचि स्नेहा ने संभाला। डॉक्टर रत्नेश कुमार के नेतृत्व में ‘रामचरितमानस’ की पंक्तियों का गायन किया गया। जिसमें नाल वादक तारकेश्वर राम की प्रमुख भूमिका रही।
