सांस्कृतिक धरोहर से ऐतिहासिक तथ्यों को मिलती है मजबूती: प्राचार्या मीना कुमारी
आरा/भोजपुर ( डॉ दिनेश प्रसाद सिन्हा)30 जुलाई।29जुलाई को महंथ महादेवानंद महिला महाविद्यालय,आरा के इतिहास विभाग एवं इतिहास संकलन समिति दक्षिण बिहार, पटना के संयुक्त तत्वावधान में “भारत की सांस्कृतिक धरोहर विषय” पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता के रूप में अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना* के उत्तर पूर्व क्षेत्र के क्षेत्र संगठन मंत्री डॉ सुरेश पाण्डेय जी थे।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ मीना कुमारी , इतिहास संकलन समिति, दक्षिण बिहार के अध्यक्ष प्रो. डॉ राजीव कुमार एवं संगठन मंत्री डॉ सुरेश पाण्डेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ सुरेश पाण्डेय ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन की विस्तृत जानकारी दिए। मुख्य रूप विरासत को चार भाग में वर्गीकृत कर अपनी बातों को समझाया। चार धरोहरों में हमारी आध्यात्मिक धरोहर, कुटुंब धरोहर, पंच तत्व एवं सभी तरह के कलाएं हैं । उन्होंने बताया की पंचतत्व हमारे धरोहर हैं हम उनका संवर्धन करते हैं न की उनका दोहन।
प्राचार्या डॉ मीना कुमारी ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए हमारी सांस्कृतिक धरोहर के केंद्र एवं ऐसे कार्यक्रम से मिलने वाले लाभ को विस्तृत जानकारी दीं। इन्होंने कहा कि सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना नैतिक जिम्मेदारी है।सांस्कृतिक धरोहर से ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को मजबूती मिलती है भूत वर्तमान और भविष्य का पता चलता है।
वहीं प्रो. डॉ राजीव कुमार ने इतिहास संकलन समिति के बारे में परिचय कराते हुए दक्षिण बिहार प्रान्त के कार्य को बताया साथ ही धन्यवाद ज्ञापन भी किए।
कार्यक्रम में प्रो. नयाज हुसैन, डॉ अरुण कुमार राय, डॉ सूर्यनारायण प्रसाद, डॉ स्मिता, डॉ सुप्रिया झा, डॉ स्मृति, डॉ सादिया, डॉ विजयश्री, डॉ स्मृति, डॉ.शिखा अवस्थी, डॉ मनोज कुमार डॉ.अमरेश एवं महाविद्याल के अन्य शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी, एवं महाविद्यालय की छात्राएं बड़ी संख्या में उपस्थित थीं।

