
RKTV NEWS/आरा (भोजपुर)21 जून।विश्व संगीत दिवस के अवसर स्थानीय महाजन टोली स्थित शिवादी क्लासिक सेंटर ऑफ आर्ट एण्ड म्यूजिक में संगीत संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस् आयोजन को संबोधित करते हुये गुरु बक्शी विकास ने कहा कि संगीत में बड़ी योजनाओं के बजाए पूरे प्रदेश में छोटी छोटी महफिलों का आयोजन करना चाहिये। छोटे एवं कस्बाई इलाकों में ना तो बड़े प्रायोजक मिलते हैं ना संगीत के पारखी ऐसे में कई लोग संगीत और इसके आनंद से अछूते रह जाते हैं और वातावरण के अभाव में कला एवं कलाकारों का विकास नहीं हो पाता हैं। देश के कोने कोने में कुछ कला संवाहकों को स्वयम आगे आकर एक छोटा सा संगीत समाज तैयार कर छोटी छोटी महफिलों का आयोजन निरंतर करते हुये बड़ी भूमिका निभानी चाहिये। इस् कार्यक्रम में शास्त्रीय गायक महेश यादव ने राग में विलंबित एकताल व द्रुत ख्याल “घन गरजत बरसन को आयो री” ठुमरी प्रस्तुत कर समां बांधा। वहीं राणा प्रताप सिन्हा ने स्वतंत्र तबला वादन प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। श्रेया पाण्डे ने राग मुल्तानी प्रस्तुत कर तालियां बटोरी। युवा कथक नर्तक अमित कुमार ने कथक की शुरुआत “बांके बिहारी म्हारो प्रणाम” से करते हुये तीनताल में शुद्ध कथक व ठुमरी “मारो ना लंगर मोहे कंकड़” पर भाव अभिनय प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी। गौरी, सोमी, सोनी, चित्रा, मुस्कान व सलोनी ने मनोहारी भाव प्रस्तुत किया। मंच संचालन पिंटू कुमार यादव व धन्यवाद ज्ञापन अभय कुमार ने किया। इस् अवसर पर संरक्षक श्री सुशील कुमार देहाती, कवियित्री डॉ. किरण कुमारी, संगीत विदुषी बिमला देवी, डॉ. ममता मिश्रा व अभिजीत कुमार समेत कई संगीत रसिक उपस्थित थें।
